'मुख्यमंत्री तुर्क शब्द से डरते हैं, इतिहास पढ़ें...' संभल दौरे पर योगी आदित्यनाथ पर बरसे सांसद जियाउर्रहमान बर्क
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभल दौरे पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री 'तुर्क' शब्द से डरते हैं औ ...और पढ़ें

जियाउर्रहमान बर्क
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मुख्यमंत्री योगी के बयान पर जियाउर्ररहमान बर्क बोले- किसी में हिम्मत नहीं जो हमारी टोपी उतार सके
जागरण संवाददाता, संभल। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभल दौरे और उनके भाषण पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री तुर्क शब्द से डरते हैं। उन्हें तुर्कों का इतिहास पढ़ना चाहिए। तुर्कों ने भारत पर शासन करने के साथ-साथ देश की आजादी की लड़ाई में भी योगदान दिया था।
रविवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री जब भी संभल या मुरादाबाद आते हैं, तो विकास के बजाय सिर्फ तुर्क शब्द का जिक्र करते हैं, जबकि जनता, रोजगार, उद्योग और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी घोषणाओं की उम्मीद करती है।
संभल के मौलाना इस्माइल और अब्दुल कय्यूम का उदाहरण देते हुए सांसद ने कहा कि वे तुर्क समुदाय से थे और स्वतंत्रता संग्राम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। ताजमहल, लालकिला और कुतुबमीनार जैसी ऐतिहासिक धरोहरों की चर्चा करते हुए कहा कि इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता। उन्होंने सवाल किया कि यदि मुख्यमंत्री तुर्कों के खिलाफ बोलते हैं, तो क्या वे इन ऐतिहासिक स्मारकों को भी खत्म कर देंगे।
अपनी पहचान का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि उनकी टोपी उनकी पहचान और शान है। किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि उनकी टोपी उतार सके। मुख्यमंत्री के '100 साल बाद भी कब्र से निकाल लेंगे' वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्या मुख्यमंत्री के पास इस बात का कोई प्रमाण है कि वे 100 साल तक जीवित रहेंगे।
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उन्होंने इस तरह की भाषा को समाज में डर और नफरत पैदा करने वाला बताया। सांसद ने कहा कि भारत संविधान से चलता है, किसी धार्मिक विचारधारा से नहीं। उन्होंने बाबा साहब, महात्मा गांधी और डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम की चर्चा करते हुए कहा कि देश को उनके आदर्शों पर चलना चाहिए।
विकास योजनाओं पर भी उठाए सवाल
सांसद ने मुख्यमंत्री द्वारा संभल में विकास परियोजनाओं के शिलान्यास पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये पहले की गई घोषणाओं को दोहराने जैसा है और चुनाव नजदीक होने के कारण इनके पूरा होने पर भी संदेह है। उन्होंने मांग की कि संभल में बड़े अस्पताल, विश्वविद्यालय, स्कूल-कालेज, उद्योग और रोजगार देने वाली परियोजनाएं शुरू की जाएं।
सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। उनके घर पर आज भी कार्रवाई की जा रही है और यह गलत आरोपों के आधार पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यही पैमाना अपनाया जाए तो भाजपा के 70-80 प्रतिशत नेताओं के घरों पर भी ऐसी कार्रवाई करनी पड़ेगी।