'स्वर्ग' दिखाने का झांसा देकर उतारते थे जेवर, गैंग का पर्दाफाश कर पुलिस ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार
बबराला क्षेत्र में महिलाओं को 'स्वर्ग' दिखाने का झांसा देकर जेवर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने एक आरोपी असलम को गिरफ्तार किया है, जबकि ...और पढ़ें

HighLights
महिलाओं को 'स्वर्ग दर्शन' का झांसा देकर ठगते थे जेवर।
पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य असलम को किया गिरफ्तार।
दो अन्य आरोपी अभी भी फरार, पुलिस तलाश में जुटी।
संवाद सहयोगी, बहजोई। टप्पेबाजी की घटनाओं से परेशान बबराला क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो महिलाओं को आस्था में उलझाकर अर्थात स्वर्ग दिखाने का झांसा देकर उनके जेवर उतरवा लेता था। इस गिरोह के सदस्य राह चलती महिलाओं को रोककर उन्हें स्वर्ग-दर्शन जैसी बातों में उलझाते और विश्वास जीतने के बाद जेवर उतरवाकर पर्स में रखवा लेते थे, फिर मौका देखकर पर्स लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके दो साथी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
बहजोई स्थित कार्यालय पर एक वारदात का पर्दाफाश करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार रावत ने बताया कि थाना बबराला क्षेत्र में 13 अप्रैल को इन्द्रा चौक निवासी अनिल गुप्ता की मां को निशाना बनाकर इसी गिरोह ने वारदात को अंजाम दिया था। जिसमें महिला पैदल जा रही थी, तभी उनके साथ जेवर लूटने की वारदात हुई।
पुलिस के द्वारा की गई अब तक की जांच में यह उजागर हुआ कि इस दौरान असलम निवासी मलवा अल्लाहबख्शपुर थाना गढ़मुक्तेश्वर जनपद हापुड़ व उसके साथी वारिस उर्फ वरीसुद्दीन उर्फ कोतल निवासी असीलपुर थाना किठौर जनपद मेरठ, मजाहिद उर्फ मुजाहिद उर्फ टोंटा निवासी असीलपुर थाना किठौर जनपद मेरठ ने उसे रोक लिया और स्वर्ग दिखाने का झांसा देकर बातों में उलझा लिया।
आरोपितों ने महिला से सोने के कुंडल व चेन उतरवाकर पर्स में रखवा दिए और साथ चलते हुए पर्स लेकर फरार हो गए। इसी दौरान तीसरा साथी बाइक लेकर पहुंचा और उस पर बैठकर सभी आरोपित मौके से भाग निकले। जिसका का कुछ अंश सीसीटीवी में दर्ज हुआ।
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घटना के बाद थाना बबराला में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी सहायता ‘यक्ष एप’ के माध्यम से आरोपितों की पहचान की। 29 अप्रैल को पुलिस टीम ने नूरपुर तिराहा से असलम को गिरफ्तार कर लिया, जिसके पास से 20,400 रुपये बरामद हुए जो ठगी के जेवर बेचने से उसके हिस्से में आए थे।
पूछताछ में उसने पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश किया और बताया कि तीनों आरोपित मिलकर सूनसान स्थानों पर महिलाओं को निशाना बनाते थे। पुलिस के अनुसार वारिस व मजाहिद अभी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपित के खिलाफ गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में पहले से पांच मुकदमे दर्ज हैं, जो चोरी व टप्पेबाजी से संबंधित हैं।
पुलिस के सामने यह भी चुनौती है कि इस गिरोह के सदस्य बबराला में किस नेटवर्क के जरिए वारदात करने आए, क्योंकि हाल ही में दो दिन पहले एक अन्य महिला से कुंडल लूट की घटना भी सामने आई है, जिसका पर्दाफाश अभी बाकी है। गिरफ्तार आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया है और पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।