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    19 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी घोटाले में दिल्ली के दो आरोपितों की जमानत खारिज

    Updated: Sat, 04 Jul 2026 07:55 PM (IST)

    सत्र न्यायाधीश ने 19 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी घोटाले में दिल्ली के दो मुख्य आरोपितों सौरभ अग्रवाल और अजीत कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी। ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, संतकबीरनगर। 19 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी घोटाले में शामिल अंतरराज्यीय गिरोह के दो मुख्य आरोपितों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सौरभ अग्रवाल उर्फ सन्नी निवासी हरिनगर घंटाघर, नई दिल्ली तथा अजीत कुमार निवासी कैलाशपुरी एक्सटेंशन, पालम कालोनी, नई दिल्ली की जमानत याचिका खारिज कर दी। दोनों आरोपितों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में वे जिला जेल में निरूद्ध हैं।

    जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य कर विभाग (खंड-1) संतकबीरनगर के सहायक आयुक्त अरविंद कुमार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

    जांच में सामने आया कि आरोपितों ने ‘यादव इंटरप्राइजेज’ नाम से एक फर्जी फर्म का पंजीकरण कराया था, जिसका प्रोपराइटर रंजीत सिंह यादव को दर्शाया गया था। फर्म का पता फायर स्टेशन के पास, खलीलाबाद सिटी रोड दर्ज कराया गया था।

    जांच में पाया गया कि फर्म द्वारा न तो वास्तविक रूप से कोई माल खरीदा गया और न ही बेचा गया। आरोप है कि गिरोह ने फर्जी बिलों और कागजी लेन-देन के माध्यम से 18 करोड़ 96 लाख 53 हजार 679 रुपये की बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) अन्य फर्मों को पास ऑन की, जबकि 18 करोड़ 96 लाख 80 हजार 190 रुपये की फर्जी आइटीसी स्वयं क्लेम की गई।

    अभियोजन पक्ष के अनुसार, फर्जी इनवाइस के जरिए काल्पनिक बिक्री दर्शाकर विभिन्न फर्मों को करोड़ों रुपये का अवैध लाभ पहुंचाया गया। आरोपितों के अधिवक्ताओं ने अदालत में जमानत के लिए यह दलील दी कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।

    वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर आर्थिक अपराध है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी क्षति पहुंची है।

    उन्होंने आशंका जताई कि आरोपित जमानत पर रिहा होने पर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं अथवा फरार हो सकते हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपितों की जमानत याचिकाएं निरस्त कर दी।

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