नाथनगर की 20 किलोमीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण, क्षेत्रवासियों को आवागमन में मिलेगी सुविधा
संत कबीर नगर में नाथनगर-सुकरौली-पीडिया-फरेंदिया मार्ग के 20 किलोमीटर हिस्से का 48.68 करोड़ रुपये से चौड़ीकरण होगा, जिससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

HighLights
नाथनगर मार्ग का 48.68 करोड़ से चौड़ीकरण होगा।
20 किलोमीटर सड़क चौड़ी होने से यातायात सुगम।
निर्माण गुणवत्ता पर निगरानी, अनियमितता पर कार्रवाई का आश्वासन।
जागरण संवाददाता, संत कबीर नगर। डेढ़ वर्ष में ही काली जगदीशपुर-नाथनगर मार्ग के जगह-जगह टूटने से नाराज क्षेत्रवासियों को अब नाथनगर-सुकरौली-पीडिया-फरेंदिया मार्ग के चौड़ीकरण की खबर ने राहत दी है। करीब 20.200 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण पर 48.68 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। लोगों को उम्मीद है कि इस बार सड़क सिर्फ चौड़ी ही नहीं होगी, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता भी ऐसी होगी कि लंबे समय तक टिक सके।
यह मार्ग नाथनगर क्षेत्र के दर्जनों गांवों को प्रमुख बाजारों और कस्बों से जोड़ता है। सड़क संकरी होने के कारण आए दिन वाहनों की आवाजाही में परेशानी होती है और कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनती है।
चौड़ीकरण के बाद यातायात सुगम होने, जाम की समस्या कम होने और दुर्घटनाओं का खतरा घटने की उम्मीद है। हालांकि, नई परियोजना के साथ पुरानी सड़क का अनुभव भी लोगों के जेहन में है। डेढ़ वर्ष में ही काली जगदीशपुर-नाथनगर मार्ग के कई हिस्सों के टूटने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे।
ग्रामीणों ने कहा- विकास के साथ गुणवत्ता भी जरूरी
मोलनापुर के ग्राम प्रधान कृष्ण पाल सिंह उर्फ राजन सिंह ने कहा कि सड़क का चौड़ीकरण क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी। देवकली ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दुर्गेश तिवारी ने कहा कि यह कई गांवों का प्रमुख संपर्क मार्ग है। चौड़ीकरण से आवागमन सुगम होने के साथ व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
नाथनगर निवासी अशोक कसौधन ने कहा कि सड़क चौड़ी होने से जाम की समस्या कम होगी और राहगीरों को सुरक्षित आवागमन मिल सकेगा। बरौली निवासी विंध्यवासिनी चतुर्वेदी ने कहा कि लंबे समय से सड़क चौड़ीकरण की जरूरत महसूस की जा रही थी।
मानकों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
एसडीएम धनघटा वीरेंद्र प्रसाद गुप्त ने कहा कि मार्ग के चौड़ीकरण से क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। संबंधित विभाग को निर्माण में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए जाएंगे। कार्य के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसकी जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
