संतकबीर नगर में पति हाईस्कूल पास, पत्नी MSc, रच दिया 22 करोड़ की ठगी का जाल; ढाई सौ लोग बने शिकार
संतकबीर नगर में एक हाईस्कूल पास पति और एमएससी पत्नी ने मिलकर शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर 22 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। लगभग ढाई सौ ...और पढ़ें

रजनी प्रजापति और ठगी का मास्टरमांड धनंजय शुक्ला। जागरण
HighLights
पति हाईस्कूल, पत्नी एमएससी ने की 22 करोड़ की ठगी।
शेयर ट्रेडिंग में मोटा लाभ दिलाने का दिया था लालच।
ढाई सौ से अधिक लोगों को बनाया ठगी का शिकार।
एसके सिंह, संतकबीर नगर। पति हाईस्कूल पास और पत्नी एमएससी। पढ़ाई में बड़ा अंतर होने के बावजूद दोनों ने मिलकर ऐसा हाईटेक जाल बुना कि भारी मुनाफे के लालच में लोग अपनी गाढ़ी कमाई गंवाते चले गए। शेयर ट्रेडिंग में मोटा लाभ दिलाने का सपना दिखाकर इस दंपती ने करीब ढाई सौ लोगों से 22 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर डाली। तीन साल तक खेल चलता रहा और जब रकम लौटाने की नौबत आई तो रातोंरात दफ्तर बंद कर फरार हो गए। अब पुलिस गिरफ्त में आने के बाद इनके कारनामों की परतें खुल रही हैं।
पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपित हैं कुशीनगर जिले के हाटा थाना क्षेत्र के मुंडेरा उपाध्याय निवासी धनंजय शुक्ला और उसकी पत्नी रजनी प्रजापति, जो मूल रूप से छत्तीसगढ़ के विलासपुर की रहने वाली है। दोनों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर टीवीएस सॉल्यूशन और एआईआईपीएल नाम से दो सॉफ्टवेयर तैयार किए और इनके जरिए निवेशकों को जोड़ना शुरू किया।
इस खेल में त्रिपुरा के अगरतला निवासी कंप्यूटर साइंस से बीटेक संजय कुमार दास भी शामिल हैं,जो गिरफ्तारी से बचने के लिए अरेस्ट स्टे लेकर घूम रहा है। गिरोह ने लखनऊ के काकोरी, संतकबीर नगर के विधियानी और विश्नाथपुर तथा गोरखपुर के साहबगंज सहजनवां में दफ्तर खोल रखे थे। आलीशान दफ्तर, चमकदार प्रेजेंटेशन और मोटे रिटर्न के वादों ने लोगों को तेजी से अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया।
यूं खुला करोड़ों की ठगी का राज
महुली थानाध्यक्ष दुर्गेंश पांडेय ने बताया कि ठगी के इस खेल का खुलासा तब हुआ जब महुली थाना क्षेत्र के हटवा गांव निवासी संतलाल मौर्य ने 18 अक्टूबर 2025 को 51 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। शिकायत में बताया गया कि रिश्तेदारी के माध्यम से धनंजय और रजनी से मुलाकात हुई थी।
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दोनों ने शेयर मार्केट में निवेश पर भारी लाभ का भरोसा दिलाया और एचडीएफसी बैंक सहजनवां शाखा के खाते में रकम जमा करा ली। एक महीने बाद भी न लाभ मिला और न मूलधन वापस हुआ। संपर्क करने पर आरोपित टालमटोल करने लगे। इसी बीच विश्नाथपुर स्थित दफ्तर बंद मिला और दोनों मोबाइल बंद कर फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।
निवेशकों को ही बना दिया ‘एजेंट’
जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि मुकदमे में नामजद 13 में से 10 लोग खुद ठगी के शिकार थे। गिरोह पहले निवेशकों को छह से 40 प्रतिशत तक लाभ देकर भरोसा जीतता था। इसके बाद नए निवेशक जोड़ने पर तीन प्रतिशत कमीशन का लालच दिया जाता था। धीरे-धीरे निवेशक ही गिरोह के प्रचारक बनते गए और लोगों को जोड़ते रहे।
नए लोगों से आने वाली रकम से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता रहा। इसी फार्मूले पर करोड़ों रुपये का खेल चलता रहा। जब आरोपितों को लगा कि अब पैसा लौटाना मुश्किल है, तो पूरा नेटवर्क समेटकर फरार हो गए।
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पुलिस जांच में और बड़े नेटवर्क के संकेत
पूछताछ में धनंजय और रजनी ने अब तक आठ करोड़ रुपये की ठगी स्वीकार की है, जबकि पुलिस का दावा है कि रकम 22 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। दंपती ने यह भी कबूला है कि इस नेटवर्क में पांच और लोग शामिल हैं। पुलिस अब उन नामों के आधार पर छापेमारी कर रही है। तीन दिन पहले गत 18 मई को दबाव बढ़ने पर दोनों खुद महुली थाने पहुंच गए। पूछताछ के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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इंजीनियर साथी ने हाईकोर्ट से लिया अरेस्ट स्टे
गिरोह का तीसरा मुख्य किरदार संजय कुमार दास पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। कंप्यूटर साइंस से बीटेक संजय को पकड़ने पुलिस टीम अगरतला तक पहुंची थी, लेकिन कानूनी प्रक्रिया में मामला उलझ गया। बाद में उसने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे हासिल कर लिया। पुलिस के अनुसार, सॉफ्टवेयर तैयार करने और ऑनलाइन नेटवर्क संचालित करने में संजय की अहम भूमिका थी। टेलीग्राम चैनल के जरिए निवेशकों को जोड़ने और फर्जी भरोसा कायम करने का पूरा सिस्टम तकनीकी तरीके से चलाया जा रहा था।
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प्रेम विवाह के बाद शुरू किया ठगी का कारोबार
वर्ष 2021 में धनंजय और रजनी ने प्रेम विवाह किया था। धनंजय जहां हाईस्कूल तक पढ़ा है, वहीं रजनी एमएससी केमिस्ट्री ऑनर्स है। पढ़ाई का फर्क होने के बावजूद दोनों तकनीकी रूप से काफी दक्ष बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर ट्रेडिंग से जुड़े सॉफ्टवेयर तैयार किए और इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को जाल में फंसाना शुरू किया।
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शेयर मार्केट में निवेश करा भारी धन अर्जित कराने का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह के पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। दो की गिरफ्तारी के बाद अब तक 22 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। जांच का दायरा बढ़ने पर यह खेल और बड़ा निकल सकता है।
संदीप कुमार मीना, पुलिस अधीक्षक संतकबीर नगर