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    संतकबीर नगर में पेट्रोल-डीजल का हाहाकार, 32 पंप सूखे, जनजीवन अस्त-व्यस्त

    Updated: Wed, 20 May 2026 11:51 AM (IST)

    संतकबीर नगर में पेट्रोल-डीजल का गंभीर संकट गहरा गया है, जहां 72 में से 32 पेट्रोल पंप पूरी तरह से सूख चुके हैं और बाकी भी अनियमित आपूर्ति से जूझ रहे ह ...और पढ़ें

    धर्मसिंहवा के महादेवा नानकार पर पेट्रोल डीजल लेने के लिए जुटी लोगों की भीड़। जागरण

    धर्मसिंहवा के महादेवा नानकार पर पेट्रोल डीजल लेने के लिए जुटी लोगों की भीड़। जागरण

    HighLights

    1. संतकबीर नगर में 32 पेट्रोल पंप पूरी तरह सूखे।

    2. वाहन चालकों, किसानों, व्यापारियों को भारी परेशानी।

    3. ईंधन संकट से विकास कार्य भी हुए प्रभावित।

    जागरण संवाददाता, संतकबीर नगर। जिले में पेट्रोल-डीजल का संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालात यह हैं कि जिले के 72 पेट्रोल पंपों में से 32 पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं, जबकि शेष पंपों पर भी कभी सुबह तो कभी शाम को तेल खत्म होने की सूचना चस्पा की जा रही है। जरूरत के मुताबिक पेट्रोल और डीजल की सप्लाई न मिलने से वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

    जहां तेल मिलने की सूचना मिल रही है, वहां दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग जा रही हैं। कई लोग घंटों इंतजार के बाद भी बिना तेल लिए वापस लौटने को मजबूर हैं। तीन दिन पहले मेंहदावल क्षेत्र के दो पेट्रोल पंपों पर तेल वितरण के दौरान मारपीट की घटनाएं भी हो चुकी हैं।

    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी थी। अधिक भीड़ के कारण कई जगहों पर शांति व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। वाहन चालकों के साथ पेट्रोल पंप संचालक भी परेशान हैं। लोगों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने-जाने में गंभीर दिक्कतें पैदा हो जाएंगी।

    जिला पूर्ति अधिकारी राजीव कुमार ने कितने पेट्रोल पंप ड्राई है, इस बारे में कुछ भी बताने से इनकार किया। कहा कि उपभोक्ताओं को दिक्कत न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। लोगों से जरूरत से ज्यादा तेल न लेने की अपील भी की जा रही है।

    मेंहदावल में सबसे ज्यादा असर, पंपों पर उमड़ी भीड़
    नगर पंचायत मेंहदावल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल-डीजल का संकट और गहरा गया है। कई पेट्रोल पंपों के ड्राई होने से किसान, व्यापारी और आम लोग परेशान हैं। बौरव्यास स्थित पेट्रोल पंप पर मंगलवार को तेल पहुंचने की खबर फैलते ही बाइक, कार और ट्रैक्टरों की लंबी कतार लग गई।

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    सुबह से ही लोग तेल लेने के लिए लाइन में खड़े नजर आए। भीड़ को नियंत्रित करना पंप संचालकों के लिए मुश्किल हो गया। कई लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ा। वहीं धर्मसिंहवा क्षेत्र के महादेवा नानकार पेट्रोल पंप पर भी पूरे दिन भारी भीड़ लगी रही।

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    ईंधन संकट का सबसे ज्यादा असर किसानों और व्यापारियों पर पड़ रहा है। डीजल न मिलने से ट्रैक्टर और पंपिंग सेट बंद पड़े हैं, जबकि व्यापारी माल ढुलाई नहीं कर पा रहे हैं। स्कूल वाहन और एंबुलेंस तक के लिए ईंधन जुटाना चुनौती बन गया है।

    विकास कार्य भी प्रभावित
    पेट्रोल-डीजल संकट का असर सरकारी और निजी विकास कार्यों पर भी दिखाई देने लगा है। सड़क निर्माण, मिट्टी भराई और मशीनों से होने वाले अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पंप संचालकों का कहना है कि डिपो से पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल रही है, जिससे पंप ड्राई हो रहे हैं।

    प्रशासन से जल्द सप्लाई सामान्य कराने की मांग की जा रही है। मेंहदावल एसडीएम अरुण कुमार ने बताया कि नियमित रूप से पेट्रोल और डीजल की सप्लाई आ रही है। मांग अधिक होने के कारण अस्थायी समस्या उत्पन्न हो रही है।