संतकबीरनगर: 256 वंचित परिवारों को मिली शौचालय निर्माण की पहली किस्त, खाते में पहुंचे 6-6 हजार
संतकबीरनगर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 256 पात्रों को शौचालय निर्माण के लिए 15.36 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की गई है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
256 पात्रों को 15.36 लाख रुपये की पहली किस्त मिली।
प्रत्येक लाभार्थी को शौचालय निर्माण हेतु 6,000 रुपये प्राप्त हुए।
खुले में शौच से मुक्ति दिलाने की दिशा में पहल।
जागरण संवाददाता, संतकबीरनगर। शौचालय की सुविधा से वंचित जनपद के 256 पात्रों के बैंक खाते में शुक्रवार को पहली किस्त के रूप में छह-छह हजार रुपये के हिसाब से 15 लाख 36 हजार रुपया पहुंच गया। ये पात्र आवंटित राशि व्यक्तिगत शौचालय बनाने का काम शुरू करेंगे। इस राशि से काम कर लेने के बाद पंचायत सचिव की जांच रिपोर्ट के आधार पर इन्हें दूसरी किस्त के रूप में पुन: छह-छह हजार रुपये मिलेंगे। इसके बन जाने पर इन्हें खुले में शौच के लिए नहीं जाना पड़ेगा।
किस ब्लॉक के कितने पात्रों को मिलेगी पहली किस्त?
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जनपद के बघौली में दो, बेलहरकला में पांच, हैंसर बाजार में 48, खलीलाबाद में 42, मेंहदावल में 38, नाथनगर में 14, पौली में 31,सांथा में 23 व सेमरियावां में 53 आदि नौ ब्लॉक में कुल 256 पात्रों को छह-छह हजार रुपये के हिसाब से शुक्रवार को पहली किस्त के रूप में छह-छह हजार रुपये के हिसाब से 15 लाख 36 हजार रुपये पहुंचे।
इस राशि से ये व्यक्तिगत शौचालय बनाने का काम शुरू कराएंगे। इस राशि से काम कर लेने के बाद इन्हें दूसरी किस्त के रूप में पुन: छह-छह हजार रुपये मिलेंगे। इसके बन जाने पर इन्हें खुले में शौच के लिए नहीं जाना पड़ेगा।
क्या कहते हैं लाभार्थी?
खलीलाबाद ब्लॉक के गजपुर गांव के मोहन ने कहा कि वह मजदूरी करते हैं। कभी काम मिलता है कभी नहीं। किसी तरह जिंदगी कट रही है। उनकी आर्थिक स्थिति इस लायक नहीं है कि स्वयं की कमाई से शौचालय बना सकें। वह इसके लिए करीब तीन माह पूर्व ऑनलाइन आवेदन किए थे। इसके बाद से वह पहली किस्त का इंतजार कर रहे थे।
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अब वह इस राशि से शौचालय बनवाना प्रारंभ करेंगे। वहीं हैंसर बाजार ब्लॉक के टाड़ा गांव निवासी प्रदीप ने कहा कि वह करीब तीन माह से ब्लॉक मुख्यालय में जाकर पहली किस्त मिलने का पता लगा रहे थे। एडीओ पंचायत व पंचायत सचिव जल्द यह किस्त मिलने का आश्वासन दे रहे थे। शौचालय बन जाने पर खुले में शौच जाने से मुक्ति मिल जाएगी।
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व्यक्तिगत शौचालय के लिए इन्हें माना जाता है पात्र
वर्तमान में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ऐसे गरीब परिवार के मुखिया का चयन किया जा रहा है, जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण शौचालय नहीं है। खुले में शौच के लिए जाते हैं। ऐसे गरीब परिवार जो पत्नी, बच्चों संग अलग रह रहे हैं, उन्हें पात्र माना जाता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव की जांच रिपोर्ट पर उन्हें व्यक्तिगत शौचालय का लाभ दिया जाता है।
256 पात्रों के बैंक खाते में पहली किस्त भेजी गयी है। वे व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण कार्य शुरू करवा दें। इस धनराशि से काम कर लेने पर उन्हें पंचायत सचिव की जांच रिपोर्ट पर दूसरी किस्त दी जाएगी।
अरुण कुमार यादव, प्रभारी डीपीआरओ