संतकबीर नगर में टेक्सटाइल पार्क का होगा विस्तार, 50 एकड़ में बनेगा मेगा प्रोजेक्ट
संतकबीर नगर के मगहर में बंद कताई मिल की जगह अब 39.49 की बजाय 50 एकड़ में टेक्सटाइल पार्क बनेगा, ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
मगहर में टेक्सटाइल पार्क का क्षेत्रफल बढ़ा।
अब 39.49 की जगह 50 एकड़ में बनेगा।
5000 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार।
दिलीप पाण्डेय, संतकबीर नगर। वर्ष 1990 से बंद चल रही संत कबीर कताई मिल्स लिमिटेड-मगहर में 39.49 की जगह अब 50 एकड़ में टेक्सटाइल पार्क बनेगा। इसे और विस्तार दिया जाना है। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के आयुक्त एवं निदेशक ने डीएम को पत्र जारी कर तीन बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। इस पर डीएम के निर्देश पर हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग व खलीलाबाद तहसील की राजस्व टीम भूमि चिह्नित करने में जुट गयी है।
मगहर स्थित बंद कताई मिल में प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क की स्थापना पूर्व में 39.49 एकड़ में होनी थी। अब इसको विस्तारित करके न्यूनतम 50 एकड़ अथवा उससे अधिक किया जाना है। गूगल मानचित्र के अनुसार इस कताई मिल की उत्तरी सीमा पर भूमि चिह्नित की गयी है। इस चिह्नित भूमि का धरातल पर सत्यापन किया जाना है। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के आयुक्त एवं निदेशक के विजयेंद्र पांडियन ने इस संबंध में डीएम को पत्र जारी किया है।
उन्होंने तीन बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। इसमें पहला बिंदु-चिह्नित भूमि का वास्तविक क्षेत्रफल कितना है,खतौनी के साथ सूचना देनी है। दूसरा बिंदु-चिह्नित में से कितनी भूमि सरकारी स्वामित्व में है,वहीं कितनी भूमि गैर सरकारी स्वामित्व में है। तीसरा बिंदु-यदि चिह्नित भूमि का स्वामित्व गैर सरकारी है तो उस स्थिति में संबंधित से कितनी भूमि खरीदी जा सकती है,उस पर अनुमानित व्यय कितना होगा ? उन्होंने इन सूचना को दस्तावेजों के साथ जल्द उपलब्ध कराने को कहा है।
डीएम के निर्देश पर खलीलाबाद तहसील की राजस्व टीम व हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग की टीम इसके सत्यापन की तैयारी कर रही है। इसके पूर्व टेक्सटाइल पार्क को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए एक विद्युत उप केंद्र बनाने के लिए ट्रांसमिशन के एसडीओ मनोज कुमार की टीम इस कताई मिल में कुछ दिन पूर्व जांच के लिए पहुंची थीं। प्रस्तावित पार्क के लिए कितनी बिजली की जरूरत पड़ेगी,इसका आकलन करने में जुटी है।
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इसका इस्टीमेट बनाकर प्रस्ताव शासन के पास भेजा जाना है। इस टेक्सटाइल पार्क के संचालित हो जाने पर सूत से धागा, धागा से कपड़े, उसकी फिनिशिंग, रंगाई, साइजिंग, रंगाई, प्रिंटिंग यूनिट, रेडीमेट गारमेंट आदि तैयार किए जाएंगे। लगभग पांच हजार से अधिक बेरोजगारों को रोजगार मिल सकता है। कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद दौरे पर जनसभा में घोषणा कर चुके हैं।
