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बांस का एक टेक हटने से 40 फीट नीचे आ गिरा मजदूर, जानिए संतकबीर नगर टंकी हादसे की पूरी इनसाइड स्टोरी

By Ram Manohar TripathiEdited By: Vivek Shukla
Published: Fri, 04 Sep 2026 03:54 PM (IST)

संतकबीर नगर के भैंसही उर्फ भैंसवरिया ग्राम पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत बन रही पानी की टंकी का ...और पढ़ें

सील किया गया घटनास्थल। जागरण

सील किया गया घटनास्थल। जागरण

HighLights

  1. जल जीवन मिशन टंकी का छज्जा गिरने से मजदूर की मौत।

  2. अधिकारियों ने निर्माण कार्य रोका, घटनास्थल को सील किया।

  3. हादसे के कारणों और निर्माण गुणवत्ता की जांच शुरू।

संवाद सूत्र, महुली, संतकबीर नगर। ग्राम पंचायत भैंसही उर्फ भैंसवरिया के चेरापुर टोले में जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन पानी की टंकी का छज्जा गिरने से एक मजदूर की मौत के बाद विभागीय अधिकारियों ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। शुक्रवार को अधिकारियों ने घटनास्थल और टंकी के मुख्य गेट को पट्टी लगाकर सील कर दिया। साथ ही घटना के कारणों के अलावा निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री और गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी गई है। विभागीय जांच को पुलिस जांच से अलग रखा गया है।

ग्राम पंचायत भैंसवरिया स्थित चेरापुर टोले में जल जीवन मिशन के तहत एक ठेकेदार द्वारा पिछले तीन वर्षों से टंकी का निर्माण धीमी गति से कराया जा रहा है। निर्माण कार्य में पिछले करीब एक माह से बाहरी मजदूर लगाए गए थे। बुधवार को जमीन से करीब 40 फीट की ऊंचाई पर टंकी के छज्जे का निर्माण कराया जा रहा था।

ठेकेदार के अनुसार, बुधवार को दोपहर करीब दो बजे तक छज्जे की ढलाई का काम पूरा हो गया था और सभी मजदूर नीचे उतर आए थे। इसी बीच दो मजदूर लड्डन और शोभराज बिना किसी को बताए टंकी के ऊपर चले गए।

दोनों वहां रखी बाल्टी लेकर नीचे आने लगे। इसी दौरान बाल्टी का एक हिस्सा शटरिंग में लगे बांस के टेक में टकरा गया। इससे बांस का टेक हट गया और शटरिंग पर ढाला गया गीला छज्जा सरिया समेत नीचे आने लगा। दोनों मजदूर संभल पाते, इससे पहले ही वे छज्जे के साथ नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान शोभराज की गोरखपुर मेडिकल कालेज में मौत हो गई। परिजनों को बुलाकर आर्थिक सहायता देने के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया।

घटनास्थल का अधिकारियों ने किया निरीक्षण

मजदूर की मौत की जानकारी मिलने के बाद विभागीय अधिकारी सक्रिय हुए। शुक्रवार को अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और टंकी के गेट व घटना क्षेत्र को सील कर दिया। साथ ही उक्त स्थान को अति संवेदनशील घोषित करते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई। अधिकारियों ने हादसे के कारणों और टंकी निर्माण में अपनाई गई तकनीकी प्रक्रिया तथा गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है।

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घटना के बाद पुलिस को नहीं मिली सूचना

महुली थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार पांडेय ने बताया कि घटना के बाद से शुक्रवार तक उन्हें किसी भी प्रकार की लिखित या मौखिक सूचना नहीं मिली है। मामला फिलहाल मजदूर और ठेकेदार के बीच तक सीमित है। पुलिस को तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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