संत कबीर नगर : झगड़े की सूचना के बावजूद नहीं पहुंचे सिपाही, अफसरों को भी नहीं दी जानकारी; दो कॉन्स्टेबल सस्पेंड
संतकबीरनगर में कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर दो आरक्षी निलंबित किए गए हैं। मारपीट की सूचना पर मौके पर न पहुंचने और अधिकारियों को सूचित न करने पर एसपी ...और पढ़ें

HighLights
दो आरक्षी कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित।
मारपीट की सूचना पर मौके पर नहीं पहुंचे पुलिसकर्मी।
पीड़ित के आत्मदाह प्रयास के बाद एसपी ने की कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, संतकबीरनगर। कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने कोतवाली खलीलाबाद की औद्योगिक चौकी पर तैनात दो आरक्षियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
दोनों पुलिसकर्मियों पर मारपीट की सूचना मिलने के बावजूद समय पर मौके पर न पहुंचने और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी न देने का आरोप है। इसी मामले में पीड़ित द्वारा अगले दिन कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह का प्रयास किए जाने के बाद कार्रवाई की गई।
प्रभारी निरीक्षक कोतवाली खलीलाबाद की रिपोर्ट और क्षेत्राधिकारी की जांच के अनुसार, ग्राम बगहिया निवासी बलिराम गुप्ता के साथ 28 जुलाई को मारपीट की घटना हुई थी। सूचना मिलने के बावजूद औद्योगिक चौकी पर तैनात आरक्षी भानू प्रताप सिंह और मनीष कुमार यादव मौके पर नहीं पहुंचे और न ही प्रकरण से अपने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया।
नौ नामजद आरोपितों के खिलाफ अभियोग किया पंजीकृत
अगले दिन 29 जुलाई को बलिराम गुप्ता ने कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह का प्रयास किया, जिसे वहां मौजूद लोगों ने समय रहते विफल कर दिया। इसके बाद पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा संख्या 688/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 115(2), 351(3) एवं 352 के तहत नौ नामजद आरोपितों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया।
क्षेत्राधिकारी की रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया दोनों आरक्षियों की घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अकर्मण्यता सामने आने पर पुलिस अधीक्षक ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की (दंड एवं अपील) नियमावली, 1991 के नियम-17(1)(क) के तहत विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करते हुए दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
खबरें और भी
एसपी ने मामले की प्रारंभिक जांच सक्षम अधिकारी को सौंपते हुए एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनसामान्य की शिकायतों पर त्वरित, निष्पक्ष और विधिसम्मत कार्रवाई करना प्रत्येक पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी है। कर्तव्य पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।