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यूपीसीडा की बड़ी कार्रवाई, संतकबीरनगर सहित पूर्वांचल में 165 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन होगा रद

Published: Sun, 09 Aug 2026 11:29 AM (IST)

यूपीसीडा ने संतकबीरनगर, बस्ती और देवरिया में 165 औद्योगिक भूखंडों के आवंटन रद्द करने के लिए अंतिम नोटिस जारी की ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. यूपीसीडा ने 165 औद्योगिक भूखंडों के आवंटन रद्द करने की नोटिस दी।

  2. संतकबीरनगर, बस्ती, देवरिया में निष्क्रिय प्लाटों पर कार्रवाई।

  3. 30 दिन में जवाब न देने पर आवंटन निरस्त होगा, नए निवेशकों को मौका।

एसके सिंह, संतकबीरनगर। पूर्वांचल में औद्योगिक निवेश को रफ्तार देने की तैयारी के बीच यूपीसीडा ने औद्योगिक क्षेत्र में भूखंड लेकर नियमों की अनदेखी करने वाले आवंटियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण ने संतकबीरनगर, बस्ती और देवरिया में 165 औद्योगिक प्लाट के आवंटन निरस्त करने के लिए अंतिम नोटिस जारी कर दी है।

यूपीसीडा की इस कार्रवाई से आवंटियों में खलबली मची है। कार्रवाई की जद में ऐसे आवंटी हैं, जिन्होंने प्लाट लेने के बाद निर्धारित समय में उद्योग शुरू नहीं किया। कई ने प्राधिकरण की शर्तों का पालन भी नहीं किया। सबसे अहम बात यह है कि 21 आवंटी ऐसे मिले हैं, जिन्होंने प्लाट की रजिस्ट्री तक नहीं कराई है। अब प्राधिकरण की नजर ऐसे सभी निष्क्रिय प्लाट पर है।

संतकबीरनगर में 80, बस्ती में 55, देवरिया में 30 और मऊ में 61 प्लाट के आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अंतिम नोटिस जारी होने के बाद आवंटियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। नोटिस की पावती के 30 दिन बाद प्राप्त जवाब की समीक्षा होगी। जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा।

खाली प्लाट नए निवेशक को देने की तैयारी
पूर्वांचल में निवेश का माहौल बनने के साथ औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए यूपीसीडा ने भी अपना रुख बदल दिया है। वर्षो से आवंटित लेकिन खाली पड़े प्लाट अब प्राधिकरण के निशाने पर हैं। इन प्लाट का आवंटन निरस्त कर नए निवेशकों को अवसर देने की तैयारी है।

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इसके लिए संतकबीरनगर के खलीलाबाद से लेकर बस्ती, देवरिया, मऊ और बलिया तक औद्योगिक क्षेत्र में भूखंड के आवंटन, रजिस्ट्री और वास्तविक उपयोग की स्थिति की पड़ताल की जा रही है। संतकबीरनगर और देवरिया में औद्योगिक क्षेत्र का विकास कृषि आधारित लघु और सूक्ष्म उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था।

समय बीतने के साथ बड़ी संख्या में आवंटी निर्धारित शर्त का पालन नहीं कर सके। बस्ती और मऊ में भी कमोवेश यही स्थिति सामने आई है। अब यूपीसीडा की कोशिश है कि निष्क्रिय प्लाट को मुक्त कराकर उनका उपयोग नए उद्योग लगाने में किया जाए।

संतकबीरनगर, बस्ती, देवरिया और मऊ में कुल 226 औद्योगिक प्लाट के आवंटन निरस्तीकरण की अंतिम नोटिस जारी की गई है। नोटिस की प्राप्ति के 30 दिन बाद इसकी समीक्षा होगी। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आवंटन निरस्त कर दिए जाएंगे। औद्योगिक क्षेत्र में 21 ऐसे आवंटी चिह्नित किए गए हैं, जिन्होंने अब तक रजिस्ट्री तक नहीं कराई है।

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-धर्मचंद्र, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपीसीडा