डिजिटल इंडिया का काला चेहरा? शाहजहांपुर में आधार के लिए रात 3 बजे से कोहरे में जंग लड़ रहे लोग!
शाहजहांपुर में आधार कार्ड बनवाने या संशोधन कराने में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य डाकघर में टोकन लेने के लिए लोग सुबह 3-4 बजे ...और पढ़ें

शाहजहांपुर में डाक घर में आधार बनने के लिए टोकन लेते लोग। जागरण
HighLights
सुबह चार बजे ही टोकन लेने के लिए मुख्य डाकघर के बाहर जुटना शुरू हो जाते लोग
ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में आ रहे लोग, बच्चों को भी होना पड़ रहा परेशान
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। शहर के बिजलीपुरा मुहल्ला निवासी निकहत बानो के ढाई वर्षीय बेटे का आधार कार्ड बनना है। ताकि राशन कार्ड में नाम शामिल करा सकें। बेटे को गोद में लेकर सुबह करीब पौने छह बजे कोहरे में मुख्य डाकघर के बाहर पहुंच गईं थी। निकहत से इतनी जल्दी आने का कारण पूछा, तो जवाब मिला शौक में थोड़े आए।
इससे पहले तीन बार टोकन न मिलने के चक्कर में वापस लौट चुके हैं। कुछ दूर खड़े मदनापुर निवासी शोभित कुमार बोले हम तो चार बजे आ गए थे। घर से तीन बजे से भी पहले चले थे। आधार में संशोधन कराने के लिए पहले भी तीन-चार बार आ चुके हैं, लेकिन टोकन न मिलने की वजह से वापस लौट चुके हैं।
इसी तरह तमाम अन्य महिलाएं व पुरुष टोकन के इंतजार में लाइन में लगे थे। आधार कार्ड बनवाना या उसमें संशोधन कराना आमजन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। अधिकारी सभी उप डाकघरों में इन्हें बनाए जाने का दावा कर रहे हैं। उसके बाद भी समस्या दूर नहीं हो पा रही है।
तहसील क्षेत्रों में कभी सर्वर तो कभी अन्य समस्या बताकर लोगों को वापस कर दिया जाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी सुबह होते ही तहसील से लेकर जिला मुख्यालय तक दौड़ लगानी पड़ रही है। वहां जाने पर भी उन्हें टोकन लेना पड़ता है। अगर मिल गया तो काम होगा, नहीं तो फिर अगले दिन आना होगा।
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प्रयास किया जाता है कि सुबह आठ से साढ़े आठ बजे तक आधार कार्ड संबंधित काम शुरू करवा दिया जाए। ताकि लोगों को परेशान न होना पड़े। जल्द काउंटर बढ़वाए जाएंगे। ताकि किसी को वापस न लौटना पड़े।
- हिमांशु तिवारी, डाक अधीक्षक
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