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    डेरी पर हुई छोटी सी मुलाकात, मोबाइल पर घंटों बात और फिर... प्रेमी युगल की कहानी का दर्दनाक अंत

    Updated: Thu, 07 May 2026 07:16 AM (IST)

    शाहजहांपुर के कलान में एक प्रेमी युगल, सोवेंद्र और नन्ही, ने परिवार के विरोध के कारण अपनी जान दे दी। पुलिस उनके मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट की ...और पढ़ें

    इसी पेड़ पर लगायी थी दोनों ने फांसी और सर्वेंद्र और नन्‍ही का फाइल फोटो

    इसी पेड़ पर लगायी थी दोनों ने फांसी और सर्वेंद्र और नन्‍ही का फाइल फोटो

    HighLights

    1. प्रेमी युगल के मौत का मामला, सदमे में दोनों के परिवार

    संवाद सहयोगी, कलान (शाहजहांपुर)। डेरी पर छोटी से मुलाकात के बाद शुरू हुई प्रेमी कहानी का दुखद अंत हो गया। सोवेंद्र व नन्ही ने जो कदम उठाया वह उनके परिवारों को जीवन भर का गम दे गया। दोनों को समझाने का प्रयास किया, समाज व परिवार की प्रतिष्ठा का भी हवाला दिया, लेकिन दोनों की जिद थी कि शादी एक दूसरे से ही करेंगे।

    सोवेंद्र के भाई सुधीर की गांव में डेरी है। जितेंद्र के घर में भी भैंसें हैं। उनके यहां से भी डेरी पर दूध जाता था। कभी कभार नन्ही भी वहां दूध पहुंचाने चली जाती थी। वहीं पर उसकी मुलाकात सोवेंद्र से हुई। इसके बाद दोनों के बीच दोस्ती और फिर प्रेम प्रसंग शुरू हो गया।

    सोवेंद्र कक्षा आठ तक पढ़े थे। पिता के साथ खेती करते थे। कभी कभार भाई के डेरी के काम में हाथ बंटाते थे। वहीं नन्ही ने स्कूली शिक्षा तो प्राप्त नहीं की थी, लेकिन हिसाब किताब व घरेलू कामकाज में दक्ष थीं। जब घर वालों ने दोनों के मिलने पर रोक लगाई तो सोवेंद्र व नन्ही के बीच मोबाइल पर घंटों बात होती थी।

    घटनास्थल पर जब शव फंदे से उतारे गए तो मोबाइल बरामद हुए। दोनों के बीच अंतिम बार क्या बात हुई थी यह जानने के लिए पुलिस उनके बीच हुई वाट्सएप चैटिंग को भी रिकवर कर रही है। घटना की रात इन दोनों की और किससे बात हुई यह जानने के लिए काल डिटेल भी निकलवाई जा रही है।

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    बता दें, गांव में मंगलवार रात बरात आई थी। जिस कारण चहल पहल थी। इसलिए नन्ही व सोवेंद्र के घर वालों ने भी ज्यादा ध्यान नहीं दिया। सुबह घर के दरवाजों की कुंडी खुली हुई थी, जिस पर यह सोचा कि परिवार का कोई सदस्य बाहर गया होगा। नन्ही के घर से बाहर जाने और इस तरह कदम उठाने के बारे में किसी ने सोचा तक नहीं था।

    घटनास्थल पर नहीं आए पिता, परिवार ने साधी चुप्पी

    छह भाई बहनों में तीसरे नंबर की नन्ही की मृत्यु के बाद परिवार सदमे में है। घर के आंगन में मंडप लगा हुआ है। मंगलवार रात तक शादी से पूर्व की रस्में हुईं। महिलाओं ने ढोलक बजाई, मंगलगीत गाए। उस समय तक नन्ही पूरी तरह से सामान्य लग रहीं थीं।

    इसके बाद रात में वह किस समय घर से गईं किसी को कुछ पता ही नहीं चला। सुबह जब शव मिलने की जानकारी मिली तो भाई व अन्य रिश्तेदार मौके पर पहुंचे, लेकिन पिता जितेंद्र घटनास्थल पर नहीं गए। वह इतना आहत थे कि किसी से ज्यादा बात भी नहीं कर रहे थे।

    परिवार के सदस्य भी इस घटना के बारे में ज्यादा बात करने को तैयार नहीं थे। शादी को लेकर लड़के वालों की भी तैयारी हो गईं थीं, उन्हें इस घटना के बारे में सूचना दी गई।

    बताया जा रहा है कि परिवार की किसी बेटी से शादी कराने पर भी विचार किया जा रहा है। चार भाई व तीन बहनों चौथे नंबर के सोवेंद्र सुबह जब घर पर नहीं मिले तो परिवार वालों ने सोचा कि बाहर टहलने गए होंगे, लेकिन आठ बजे के बाद उनका शव मिलने की जानकारी मिली तो रोते बिलखते घटनास्थल पर पहुंचे।

     

    दोनों परिवार की ओर से फिलहाल इस प्रकरण में कोई तहरीर नहीं दी गई है। जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उनो आधार पर आगे की कार्रवाई होगी

    - शिवदीन वर्मा, प्रभारी निरीक्षक, कलान


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