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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    एंबुलेंस में लड्डू गोपाल, डॉक्टर ने लगाया आला तब थमे श्रद्धालु के आंसू; चोट लग गई कहकर रोता रहा रिंकू

    Updated: Thu, 28 Mar 2024 06:00 AM (GMT+05:30)

    चिकित्सक ने भी कह दिया कि भगवान के विग्रह सुरक्षित हैं। इन्हें चोट लगने की बात कहना औचित्यहीन है.. इतना सुनते ही रिंकू जमीन पर बैठकर रोने लगे। बताने ल ...और पढ़ें

    शाहजहांपुर में स्नान कराते समय हाथ से छूट गए थे लड्डू गोपाल।
    शाहजहांपुर में स्नान कराते समय हाथ से छूट गए थे लड्डू गोपाल।

    जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। भाव मन में समाया और भावना हृदय में.. इसका कोई सुनिश्चित आकार नहीं हो सका। उप्र के शाहजहांपुर के रिंकू की सिर्फ भावना-भाव ही नहीं, आत्मा भी छोटे से लड्डू गोपाल में समायी हुई है। आंखों में आंखें डालकर उनसे बात कर लेते और गोद में बिठाकर दुलार। प्रतिदिन उन्हें नहलाते, वस्त्र पहनाते और भोग लगाते।

    मंगलवार को भी वह लड्डू गोपाल को स्नान करा रहे थे कि अचानक हाथ से छूट गए। लड्डू गोपाल (विग्रह) उनकी गोद से धरती पर छिटके। मानो रिंकू के कलेजे में गहरी चोट लगी। उस दर्द को महसूस कर वह रोने लगे। लड्डू गोपाल को एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। पहले तो डाक्टर को समझ न आया कि जो सबकी पीड़ा हरते हैं, उनके लिए मैं क्या करुं..!

    बाद में रिंकू के आंखों से बहते आंसू और भक्त की जिद को आदेश मानकर उन्होंने लड्डू गोपाल को आला (स्टेथोस्कोप) लगाकर देखा। भरोसा दिया। यह सबके रखवाले हैं, बिल्कुल ठीक हैं। इनके गोद से छिटकने का अपराध बोध मत करिए। 108 एंबुलेंस स्टाफ ने बताया कि मंगलवार को रिंकू की काल आई थी। उस समय उन्होंने खुद को बीमार बताया था। जब गांव पहुंचे तो रिंकू ने कह दिया कि लड्डू गोपाल को चोट लगी है, इसलिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चलना है। मना किया तो बिलखने लगे। उन्हें रोता छोड़ने की हिम्मत नहीं हुई। इसलिए अस्पताल लेकर पहुंचे।

    वहां चिकित्सक ने भी कह दिया कि भगवान के विग्रह सुरक्षित हैं। इन्हें चोट लगने की बात कहना औचित्यहीन है.. इतना सुनते ही रिंकू जमीन पर बैठकर रोने लगे। बताने लगे कि मुझसे अपराध हुआ है, लड्डू गोपाल को चोट लगी इसके बावजूद उपचार क्यों नहीं कर रहे? उन्हें रोता देखकर सहारा दिया। कुर्सी पर बैठाया। डाक्टर आला लेकर आए, लड्डू गोपाल को लगाकर कहा कि यह ठीक हैं। कहीं चोट नहीं लगी है।

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    प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. संजीव कुमार ने बताया कि करीब तीन घंटे चले घटनाक्रम के बाद रिंकू लड्डू गोपाल को लेकर घर लौटे। बुधवार को इस प्रकरण का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ। रिंकू की किराने के सामान की दुकान है।