'अता पता लापता' से शुरू हुआ घाटा 16.61 करोड़ तक पहुंचा, अब 9 सितंबर को नीलाम होंगी राजपाल यादव की 6 बड़ी संपत्तियां
अभिनेता राजपाल यादव की 16.61 करोड़ रुपये के बैंक लोन बकाया के चलते 9 सितंबर को उनकी संपत्तियां नीलाम होंगी। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया मुंबई शाखा द्वारा ऑ ...और पढ़ें

राजपाल यादव
HighLights
16 करोड़ रुपये का लोन बकाया होने पर सेंट्रल बैंक की ओर से होगी कार्रवाई
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। बैंक का लोन न चुकाने के कारण अभिनेता राजपाल यादव की संपत्तियां कुर्क की जाएंगी। सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की मुंबई शाखा नौ सितंबर को उनकी संपत्ति की आनलाइन नीलामी कराएगी, जिसके लिए बैंक की ओर से बंधक बनाई गई संपत्तियों पर नोटिस चस्पा किए जा चुके हैं। इनमें मुंबई के चार फ्लैट, शहर व गांव में स्थित मकान व जमीन शामिल हैं।
अभिनेता ने वर्ष 2010 में तीन करोड़ रुपये का लोन लिया था, जो ब्याज व पेनाल्टी लगने के बाद 16.61 करोड़ रुपये हो गया है। पहले बंडा स्थित भूमि व उस पर बने भवन को नीलाम किया जाएगा। इसके बाद अन्य संपत्तियों को लेकर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पांच करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे राजपाल की मुश्किलें बैंक की इस कार्रवाई के बाद और बढ़ गईं हैं।
वर्ष 2010 में फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए राजपाल यादव ने मुंबई के बांद्रा कुर्ला स्थित सेंट्रल बैंक शाखा से तीन करोड़ रुपये का ऋण लिया था। इसमें उन्होंने मां गोदावरी देवी व पत्नी राधा यादव को गारंटर बनाया था। फिल्म बाक्स आफिस पर नहीं चल सकी। घाटा होने पर राजपाल बैंक को तय समय पर लोन अदा नहीं कर पाए।
उन पर ब्याज लगता गया। बैंक की ओर से पेनाल्टी भी लगाई गई, जिस कारण लोन की रकम बढ़कर 16 करोड़ 61 लाख 64 हजार 648 रुपये बकाया हो गई। इस बीच उनको बैंक की ओर से नोटिस दिए गए। अगस्त वर्ष 2024 में सिविल लाइंस स्थित संपत्ति का आधा हिस्सा सीज करते हुए बैंक ने इस पर नोटिस भी लगा दिया था।
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हालांकि उस समय राजपाल की ओर से लोन अदायगी के लिए समय मांगा गया, जिस पर बैंक ने कार्रवाई को रोक दिया था। वहां से नोटिस भी हटा दिया गया था। दो वर्ष बाद भी बैंक को लोन की मूल रकम व ब्याज वापस नहीं मिला तो कड़ा रुख अपनाते हुए संपत्तियों को नीलाम करने का निर्णय लिया।
प्रकरण ऋण वसूली अधिकरण में गया, वहां से सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के लिए तीन करोड 19 लाख 26 हजार रुपये की वसूली के लिए आदेश जारी किया गया है। इसके तहत उनके मुंबई के चार फ्लैट, शहर के कचहरी रोड स्थित भूखंड, बंडा में भूमि व उस पर बने भवन और गांव का मकान पर नोटिस चस्पा कर दिए गए।
नौ सितंबर को बंडा स्थित जिस संपत्ति को कुर्क करने की बात कही गई है, वह संयुक्त रूप से राजपाल उनकी मां गोदावरी व पत्नी राधा के नाम पर है। इसके गाटा नंबर 1410, 1411, 1412 व 1413 पर बने भवन व जमीन को नीलाम किया जाएगा। इसकी बेस कीमत तीन करोड़ 10 लाख रुपये आंकी गई है। इससे अधिक पर बोली लगेगी।
ऑनलाइन होगी प्रक्रिया
नीलामी की इस प्रक्रिया से स्थानीय शाखा के अधिकारियों व प्रशासन को अलग रखा गया है। गुरुग्राम की रिकवरी एजेंसी के माध्यम से नीलामी की यह प्रक्रिया आनलाइन होगी। इच्छुक लोग दो सितंबर को शाम चार बजे तक बैंक संपत्ति का स्थलीय मुआयना कर सकेंगे।
बोलीदाताओं को सात सितंबर को शाम चार बजे तक आनलाइन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए समय दिया गया है। इसके बाद नौ सितंबर को ई नीलामी करके आनलाइन बोली लगाई जाएंगी।
संपत्ति में पत्नी व मां के नाम भी शामिल
राजपाल यादव, उनकी मां गोदावरी देवी व पत्नी राधा के नाम पर मुंबई में जुहू के विले पार्ले स्थित अमोघ वसुंधरा कोआपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में बी-801 नंबर फ्लैट है।
इसके अतिरिक्त मलाड में लिंक रोड पर सेरेनिटी हाइस के ए-403 व इसी सोसायटी की बिल्डिंग बी विंग में 14वें फ्लोर पर फ्लैट नंबर 1305 है। गोरेगांव में प्रभोहन सिनेमा के पास आनंद विला सरकारी सोसायटी में फ्लैट नंबर बी-53 209 स्थित है।
इसके अतिरिक्त बंडा के कुंडरा गांव में पैतृक आवास राजपाल की मां के नाम पर है। जबकि कचहरी रोड पर गाटा नंबर 1715 व 1716 राजपाल यादव व उनकी पत्नी राधा यादव के नाम पर है।
चेक बाउंस मामले में सुनाई गई सजा
मूलरूप से बंडा के कुंडरा गांव निवासी राजपाल यादव को पांच करोड़ रुपये के चेक बाउंस जुलाई में दिल्ली की हाईकोर्ट ने तीन माह कारावास की सजा सुनाई गई थी। यह रकम अप्रैल 2010 को शहर के उद्यमी माधौगोपाल अग्रवाल की दिल्ली के लक्ष्मीनगर स्थित मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से ली थी।
बाद में कंपनी की ओर सात चेक बाउंस की प्राथमिकी प्रीत विहार थाने में दर्ज कराई गई थी। जिसमें राजपाल पर उधारी चुकता न करने व अग्रिम चेक बाउंस होने की बात कही गई थी। हालांकि राजपाल यादव ने इसे निवेश की रकम बताया था।
अभिनेता राजपाल यादव ने बैंक की मुंबई शाखा से लोन लिया था। इसलिए पूरी कार्रवाई वहां से ही हो रही है। लोन की रकम ब्याज सहित बढ़कर 16 करोड़ से अधिक हो गई है। अदायगी न होने पर संपत्तियों को नीलाम करने के लिए नोटिस चस्पा किए गए हैं। स्थानीय स्तर पर किसी तरह की जानकारी या सहयोग नहीं मांगा गया है।
- अमित वर्मा, स्थानीय शाखा प्रबंधक, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया
सेंट्रल बैंक आफ इंडिया ने ऋण वसूली के लिए डीएम के माध्यम से कोई आदेश नहीं मिला है। इसलिए इस विषय की जानकारी नहीं है। सरफेसी अधिनियम, 2002 के तहत बैंक या वित्तीय संस्थान, ऋण नहीं चुकाने पर गिरवीं रखी संपत्ति पर कब्जा कर उसे बेचकर अपना पैसा वसूल सकते हैं। इसके लिए सामान्य तौर से पहले अदालत से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होती।
- प्रभात राय, एसडीएम सदर
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