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शाहजहांपुर में 115 रुपये में केमिकल से तैयार कर रहे थे दो लीटर पेट्रोल, सरगना समेत पांच आरोपितों को भेजा गया जेल

Published: Wed, 27 May 2026 02:00 AM (IST)

शाहजहांपुर में अवैध पेट्रोल पंप का भंडाफोड़ हुआ, जहां 115 रुपये में दो लीटर मिलावटी पेट्रोल बेचा जा रहा था। ...और पढ़ें

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अजयवीर सिंह, शाहजहांपुर। रोजा के डींगुरपुर अर्सलानी गांव में संचालित अवैध पंप पर जो पेट्रोल बिक्री किया जा रहा था वह 115 में दो लीटर तैयार कर लिया जाता था। इसके बाद 30 रुपये प्रति लीटर मुनाफे के साथ उसे बिक्री किया जा रहा था।

पेट्रोल बनाने के लिए जो केमिकल एचसीएम एसपीएल एम व मिक्स शाल्व बी साल्वेंट इसमे मिलाए जा रहे थे, जिनके अधिक समय तक प्रयोग से वाहनों के इंजन में कार्बन जमाव और बाइकों के प्लग जल्दी खराब होने का खतरा रहता था।

पुलिस ने निगोही के मुडिया जमा खान निवासी सरगना शिवराज वर्मा, राेजा के पिपरिया प्रहलाद निवासी पवन उर्फ अमन, लखीमपुर के मोहम्मदी के इब्राहिमपुर करियारा निवासी अशरफ अली खां, बबलू उर्फ राकी व सिंधौली के मूड़ा हारिस निवासी रामबरन उर्फ वीरेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने पेट्रोल सहित करीब 10 हजार लीटर केमिकल जब्त किया है। डींगुरपुर गांव में गत वर्ष से अवैध रूप से पंप संचालित किया गया जा रहा था। पूर्ति विभाग की टीम ने 22 मई को जब छापेमारी की तो वहां अमन कुमार व राकी नाम के व्यक्ति मिले थे। मौके से लाइसेंस या संचालन संबंधी कोई अभिलेख नहीं मिले थे जिस वजह से पंप सील कर दिया था। भूमिगत टैंक में 100 लीटर डीजल व 300 लीटर पेट्रोल शेष बताया गया था।

कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर रामबाबू फौजी, अमन कुमार व राकी के विरुद्ध प्राथमिकी लिखाई गई थी। हालांकि रामबाबू ने स्वयं का पंप से कोई भी मतलब न होना बताया।

पुलिस को जब फर्जीवाड़े होने का शक हुआ तो सिंधौली के मूड़ा हारिस गांव निवासी रामबरन के बग्गर में छापेमारी की तो वहां से 65 ड्रम बरामद किए। करीब 50 ड्रमों में केमिकल होने की पुष्टि हुई तो पेट्रोल में मिलाकर बिक्री किया जा रहा था। ताकि मोटा मुनाफा मिल सके।

शिवराज इस गिरोह का सरगना था जो पूर्व में सेहरामऊ दक्षिण व निगोही क्षेत्र में भी इसी तरह के फर्जीवाड़े में नामजद था। सेहरामऊ से उसे जेल भी भेजा गया था। शिवराज ने पुलिस को बताया कि यह केमिकल कानपुर से खरीदकर लाते थे। मंगलवार को पांचों को जेल भेज दिया गया।

इस तरह होती थी मिलावट

एक लीटर पेट्रोल तैयार करने के लिए 40 प्रतिशत पेट्रोल जबकि करीब 60 प्रतिशत केमिकल मिलाया जाता था। इसके कलर में भी कोई खास अंतर नहीं आता था। पेट्रोल पर 37 रुपये व 20 रुपये का केमिकल प्रयोग होता था। पुलिस के मुताबिक यह केमिकल प्लाईवुड तैयार करने की प्रक्रिया में प्रयोग होता है। इसकी निम्न गुणवत्ता प्रयोग की जाती थी।

पंप खोलने में लगाए थे 15 लाख

एएसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि अवैध रूप से पंप संचालित करने में करीब 15 लाख रुपये का खर्च आया था। यह भूमि 29 वर्ष 11 माह के लिए एग्रीमेंट पर ली गई थी। जिसके लिए एक लाख रुपये नकद जबकि 11 हजार रुपये प्रति माह किराया दिया जा रहा था।आरोपी लाइसेंस के लिए आवेदन तो करते थे, लेकिन प्रक्रिया बीच में ही छोड़ देते थे। आरोपी रामबरन तेल की व्यवस्था करता था, जिसमें मिलावट कर उसे बेचा जाता था।

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