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    बरेली में बिजली संकट पर व‍िभाग का बड़ा एक्शन: फोन न उठाने वाले SDO और XEN पर गिरी गाज

    Updated: Tue, 26 May 2026 11:27 PM (IST)

    बरेली में गहराते बिजली संकट के चलते 11 केवी वर्टिकल के अधिशासी अभियंता नितिन सिंह को देवीपाटन और एसडीओ अभिषेक कपासिया को आंवला स्थानांतरित कर दिया गया ...और पढ़ें

    लाइन सही करता ब‍िजली कर्मचारी

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    1. नितिन सिंह को देवीपाटन, जबकि अभिषेक कपासिया भेजे गए आंवला

    जागरण संवाददाता, बरेली। शहर में बिजली संकट गहराने से 11 केवी वर्टिकल के अधिशासी अभियंता नितिन सिंह को यहां से हटाकर गोंडा जिले के देवीपाटन स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। किला क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ध्वस्त होने और उपभोक्ताओं के फोन नहीं उठाने पर एसडीओ अभिषेक कपासिया को शहर से हटाकर आंवला भेज दिया गया है।

    बिजली की बढ़ती समस्या को लेकर चार दिन पहले वन मंत्री डा. अरुण कुमार, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने विद्युत विभाग के अधिकारियों और नगर निगम के पार्षदों के साथ संयुक्त बैठक की थी। जन प्रतिनिधियों की ओर से उठाई गई समस्याओं के बाद मुख्य अभियंता ने आठ एई और जेई का तबादला कर दिया था।

    वन मंत्री ने लखनऊ में ऊर्जा मंत्री से भी मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया था, जिसका संज्ञान लेते हुए मध्यांचल मुख्यालय से 11 केवी वर्टिकल के अधिशासी अभियंता नितिन सिंह को गोंडा के देवीपाटन भेज दिया गया है। किला उपकेंद्र क्षेत्र की सबसे अधिक शिकायतें आ रही थीं।

    इसको देखते हुए मुख्य अभियंता ने एसडीओ अभिषेक कपासिया को आंवला भेज दिया है। विद्युत विभाग के अधिकारी निर्बाध आपूर्ति का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन कभी ट्रांसफार्मर फुंक जा रहे हैं तो एबीसी बंच केबल जल जा रही है। अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक मई से अब तक जिले में 194 ट्रांसफार्मर जल गए हैं।

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    सड़क के बीच में ट्राली ट्रांसफार्मर से खतरा

    रिहायशी इलाके की सिटी रेलवे माल गोदाम के सामने विनायक हास्पिटल के बराबर वाली मेन सड़क के बीच में ट्राली ट्रांसफार्मर रख दिया गया है। जिससे सड़क की चौड़ाई एक चौथाई रह गईं है। रात के अंधेरे में कोई चार पहिया वाहन या बड़ा जानवर टकराता है तो आग लगने, विषैले तेल या गैस के रिसाव से खतरा की आशंका बनी हुई है।

    विस्फोट और आग लगने पर ट्रांसफार्मर फट सकता है। ट्रांसफार्मर के तार खुले हैं जिनके संपर्क में आने से करंट लग सकता है। बरसात के पानी में उतर सकता है। हाल में कोहाड़ापीर और करगैना ट्रांसफार्मर में लगी भीषण आग को देखते हुए स्थानीय लोगों ने इस ओर भी ध्यान दे कर तुरन्त ट्राली ट्रांसफार्मर को हटाया, या थोड़ा दूर शिफ्ट किया जाए।

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