Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    शाहजहांपुर में रफ्तार का कहर: 14 बार ट्रैफिक नियम तोड़कर भागा, 15वीं बार में बालक को कुचला, मौत

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 10:49 PM (IST)

    शाहजहांपुर में तेज रफ्तार बाइक सवार ने दो वर्षीय बच्चे कार्तिक को टक्कर मारकर कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। रफ्तार की सनक में स्पलेंडर बाइक सवार मिथुन ने शनिवार रात दो वर्षीय कार्तिक की जान ले ली। पिता रजनीश उस मासूम का हाथ पकड़कर टहलाने निकले थे, ताकि रोते से चुप जाए। अचानक तेज गति से आए मिथुन ने बालक को टक्कर मारी, जिससे छिटककर दूर जा गिरा।

    रजनीश के मुंह से चीख निकली, वो सड़क पर गिरे बेटे को उठाने झपटे, मगर अफसोस... क्षण भर में मिथुन ने उस मासूम के पेट पर बाइक के दोनों पहिये चढ़ाए और भाग गया।

    सड़कों पर अराजकता करने वाला आरोपित इससे पहले भी 14 बार ट्रैफिक नियम तोड़ चुका, जिस पर चालान हुए। रविवार को उसकी गिरफ्तारी के लिए रजनीश समेत दर्जनों लोगों ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया।

    यह है पूरा मामला

    अजीजगंज मुहल्ला निवासी ई-रिक्शा चालक रजनीश कुमार ने बताया कि शनिवार शाम दो वर्षीय बेटा कार्तिक रो रहा था। उसे चुप कराने के लिए घर के बाहर टहलाने लगे। उसी दौरान तेज गति से आए बाइक सवार मिथुन टक्कर मारकर भाग गया। घायल कार्तिक को तुरंत स्वशासी मेडिकल कालेज लेकर पहुंचे, मगर चिकित्सकों ने हालत गंभीर बताकर रेफर कर दिया।

    रात एक बजे उसे दूसरे अस्पताल ले गए, वहां मृत्यु हो गई। रविवार दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद कार्तिक का शव मिला। स्वजन ने घर से कुछ दूर कांवड़ मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। उनकी मांग थी कि आरोपित को तुरंत गिरफ्तार कर सामने लाया जाए। वह अजीजगंज क्षेत्र में ही रहता है।

    क्षेत्रवासियों ने कहा कि आरोपित मिथुन इससे पहले भी कई लोगों को टक्कर मार चुका, एक पशु की मृत्यु भी हो चुकी। थाना प्रभारी प्रदीप राय ने जाम खुलवाने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारियों से नोकझोंक हुई।

    एएसपी सिटी देवेंद्र कुमार व सीओ सिटी देवव्रत ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब प्रदर्शनकारी सड़क से हटे। आरोपित मिथुन के विरुद्ध लापरवाही से वाहन चलाकर जान लेने की प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने दबिश दी, मगर वह घर में ताला लगाकर भाग गया।

    खबरें और भी

    आरंभिक जांच में पता चला कि तीन वर्ष पहले उसके पिता महेश ने अपने नाम से बाइक खरीदी थी। इसे मिथुन ही चलाता था। अपने इंटरनेट मीडिया एकाउंट पर भी वह बाइक के साथ फोटो साझा करता था। डेढ़ वर्ष में बाइक के आनलाइन 14 चालान हो चुके, जिसमें सिर्फ एक का जुर्माना जमा किया। शेष 13 चालान के 12, 500 रुपये जमा नहीं किए गए।

    नियम सिर्फ कागजों में

    यातायात विभाग के अनुसार, पांच बार यातायात नियम तोड़ने पर लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। मिथुन की बाइक से बार-बार नियम तोड़े गए, 14 चालान हो गए। इसके बाद भी वह बाइक दौड़ाता रहा। अभी यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि उसके पास लाइसेंस था या बिना लाइसेंस बाइक दौड़ाता रहा। सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी ने बताया कि सभी बिंदुओं को जांच में शामिल किया जाएगा।