जलालाबाद अब बना 'परशुरामपुरी': योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी, जानें जोगी खेड़ा से अकबर और अब तक की पूरी कहानी
शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलकर 'परशुरामपुरी' कर दिया गया है, जिसे योगी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की अनापत्ति के बाद यह नि ...और पढ़ें

जलालाबाद स्थित मंदिर में स्थापित भगवान परशुराम की मूर्ति। जागरण
HighLights
पिछले वर्ष केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दी थी अनापत्ति, उसके बाद से था इंतजार
2022 में पर्यटन स्थल किया गया था घोषित, पूरी हुई वर्षों पुरानी साध
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। जनपदवासियों की वर्षों पुरानी साध आखिरकार पूरी हुई। जलालाबाद परशुमरामपुरी बन गई। गृह मंत्रालय से अनापत्ति मिलने के 11 माह के इंतजार के बाद सोमवार को कैबिनेट ने यहां का नाम बदलकर को मंजूरी दे दी। जानकारी मिलते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। जगह-जगह मिठाई बांटी गईं, ढोल भी बजाए गए।
अधिसूचना जारी होते ही आधिकारिक रूप से अभिलेखों में अब नाम ही यहां की पहचान होगा। विधानसभा चुनाव से पूर्व लिया गया यह निर्णय ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की दिशा में सरकार का बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
भगवान परशुराम के जन्मस्थली के रूप में सबसे ज्यादा प्रामाणिक दावों के आधार पर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2022 में जलालाबाद को धार्मिक पर्यटन स्थल घोषित किया था। यहां पर परशुराम मंदिर व इससे जुड़े अन्य सभी स्थानों के सुंदरीकरण का कार्य भी शुरू कराया गया था, लेकिन जलालाबाद का नाम बदलने की मांग जारी थी।
इस संबंध में जिला प्रशासन के माध्यम से गत वर्ष शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसके बाद शासन ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से अनापत्ति मांगी थी। अगस्त 2025 में सहमति मिल गई। जिसके बाद प्रदेश स्तर से कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पास होने की औपचारिकता पूरी होनी थी।
यह इंतजार सोमवार को खत्म हुआ। लखनऊ में हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लग गई। कुछ माह बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में परशुरामपुरी के जरिए भाजपा ब्राह्मण मतदाताओं को साधने का प्रयास करेगी।
जलालुद्दीन अकबर के नाम पर किया था नामकरण
वर्ष 1625 में मिले अभिलेख के अनुसार, टीले पर साधुओं के वास वाले इस स्थान को जोगी खेड़ा कहा जाता था। 1750 के आसपास रुहेला सरदार हाफिज रहमत खान ने यहां का नाम बदलकर जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर के नाम पर जलालाबाद रखा था।
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पिछले कई दशकों से यहां का नाम बदलने की मांग उठ रही थी। विभिन्न संगठनों की ओर से इसको लेकर ज्ञापन देने के साथ आंदोलन भी किए गए। केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने भी गृहमंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत भेंट करके इस संबंध में आग्रह किया था।
कब क्या हुआ
- 24 मार्च 2025 को जलालाबाद पालिका बोर्ड ने दिया प्रस्ताव
- 16 अप्रैल 2026 को प्रशासन ने नगर विकास विभाग भेजी रिपोर्ट
- जून 2025 में प्रदेश सरकार ने गृह मंत्रालय को भेजा पत्र
- 14 अगस्त 2025 में गृह मंत्रालय ने नाम बदलने पर दी सहमति
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