'विधायक के रिश्तेदार हैं, कुछ नहीं बिगड़ेगा...' शाहजहांपुर में पैरामेडिकल छात्रा को चोटी पकड़कर घसीटा, मचा बवाल
शाहजहांपुर के स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय में डायलिसिस बेड को लेकर भाजपा विधायक के रिश्तेदारों ने हंगामा किया और पैरामेडिकल छात्रा अल्का की पिटाई कर ...और पढ़ें

पीड़ित पैरामेडिकल छात्रा अलका और शाहजहांपुर मेडिकल कालेज में हमले से टूटा डायलिसिस प्रभारी कक्ष का दरवाजा जागरण
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय में शुक्रवार को भाजपा विधायक के रिश्तेदारों ने जमकर हंगामा किया। डायलिसिस के लिए लाई गई महिला मरीज को मनमर्जी का बेड न देने पर पैरामेडिकल छात्रा अल्का की पिटाई की। पीड़िता जान बचाने के लिए स्वयं को डायलिसिस प्रभारी के कमरे में बंद किया तो आरोपित दरवाजे के शीशे तोड़कर अंदर घुस गए।
वहां से उसको चोटी पकड़कर घसीटते हुए बाहर ले आए। बीच-बचाव में छात्रा की बहन सहित अन्य पांच पैरामेडिकल छात्र घायल हो गए। गुस्साए स्टाफ व छात्रों ने डायलिसिस यूनिट बंद करके तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन दिया। मरीज के पिता व भाई को पकड़ लिया गया है।
अजीजगंज निवासी अल्का पैरामेडिकल की छात्रा है। शुक्रवार को उसकी ड्यूटी डायलिसिस यूनिट में लगी थी। सुबह नौ बजे मदनापुर के महियावर गांव निवासी विजय प्रताप सिंह किडनी की बीमारी से पीड़ित बेटी लता को डायलिसिस के लिए लेकर आया था। लता ने कहा कि पिछली बार जिस बेड पर डायलिसिस हुई थी, उस पर ले चलो।
बेड खाली न होने की बात कही तो वह बहस करने लगी। अल्का ने बताया कि इस बीच विजय प्रताप ने उन्हें गालियां देना शुरू कर दीं। उन्होंने प्राचार्य डाॅ. राजेश कुमार के पास जाकर शिकायत की। वहां से वापस आते समय यूनिट कक्ष के बाहर खड़े विजय प्रताप ने उन्हें थप्पड़ मार दिया।
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अल्का ने बताया कि विजय ने उनसे कहा कि वह भाजपा विधायक का रिश्तेदार हैं, उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा, लेकिन वह उन्हें नहीं छोड़ेगा। जिससे वह घबरा गईं और स्वयं को डायलिसिस प्रभारी गौरी कौल राजपूत के कक्ष में जाकर बंद कर लिया। उन्होंने ट्रामा सेंटर में डयूटी कर रहीं अपनी बहन अनुष्का को जानकारी दी।
इस बीच विजय ने भी अपने परिचितों को फोन कर दिया। लगभग साढ़े 11 बजे वहां पर थार सहित तीन वाहनों में सवार होकर लोग पहुंच गए। उन लोगों ने अल्का को ढूंढना शुरू किया, जिससे यूनिट में अफरातफरी मच गई। प्रभारी कक्ष का दरवाजा न खुलने पर शीशे तोड़ दिए और अल्का को चोटी पकड़कर घसीटते हुए बाहर ले आए।
बीच-बचाव करने पर वहां मौजूद स्टाफ व छात्रों से भी मारपीट की, जिसमें अल्का की बहन अनुष्का वर्मा, कुशीनगर निवसाी बेबी गुप्ता, पीलीभीत निवासी सूरजराव, रिंकू आर्य, मऊ निवासी छात्र रूस्तम घायल हो गए। लेकिन पुलिसकर्मी व सुरक्षाकर्मी तमाशबीन बने रहे।
जब अन्य पैरामेडिकल छात्र, स्टाफ व डाॅक्टर वहां एकत्र होने लगे तब विजय प्रताप सिंह व उसके बेटे को पकड़ लिया गया। जबकि अन्य आरोपित धमकी देते हुए भाग निकले। घटना से आक्रोशित स्टाफ व छात्रों ने डायलिसिस यूनिट बंद करके धरना शुरू कर दिया। सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्र शांत हुए। तीन घंटे तक प्राचार्य कक्ष के बाहर धरना व हंगामे की स्थिति रही।
घटना की जांच कराई जा रही है। पुलिस भी आरोपितों के बारे में जानकारी जुटा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
- डाॅ. राजेश कुमार, प्राचार्य स्वशासीय चिकित्सा महाविद्यालय
सीओ को मौके पर भेजा था। उन्होंने पूछताछ की है। दो आरोपित पकड़े गए हैं। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- सौरभ दीक्षित, एसपी
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