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    शाहजहांपुर: फेक ऐप से फर्जी पेमेंट दिखाकर ठगी करने वाले 3 गिरफ्तार; ऐसे झांसे में आते थे दुकानदार

    Updated: Thu, 28 May 2026 07:54 PM (IST)

    शाहजहांपुर में फेक ऐप से फर्जी भुगतान दिखाकर धोखाधड़ी करने वाले दो सगे भाई समेत तीन गिरफ्तार किए गए हैं। ये आरोपी बिना नंबर प्लेट की बाइक का इस्तेमाल ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक चित्र

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    1. बिना नंबर प्लेट की बाइक पर सवार थे तीनों युवक, सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए थे ठग

    जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। फेक एप से फर्जी पेमेंट दिखाकर व्यापारी से धोखाधड़ी करने वाले बरेली के कैंट निवासी आयुष गुप्ता उसके भाई राज गुप्ता व अंशुल मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों बिना नंबर प्लेट की बाइक से घूमते थे ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके। महमंद गढ़ी मुहल्ला निवासी नावेद ने प्राथमिकी पंजीकृत कराई थी।

    उन्होंने बताया कि दो दिन पहले यह तीनों उनकी रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर आए थे। 15 हजार 450 रुपये की खरीदारी की थी। इसके बाद क्यूआर कोर्ड स्कैन कर उस पर फर्जी भुगतान का स्क्रीन शाट दिखाकर चले गए थे। तीनों सीसीटीवी में भी कैद हो गए थे। इसके अलावा एक पंप से पेट्रोल भी भरवा लिया था।

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    एसपी सौरभ दीक्षित ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसओजी व सर्विलांस टीम को भी लगाया था। टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान मौजमपुर के पास स्थित पेट्रोल पंप के पास से इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपितों के मोबाइल देखने के बाद जब उनसे पूछताछ की गई तो बताया अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर जाकर खरीदारी करते थे।

    इसके बाद फेक एप के माध्यम से भुगतान करते थे। जिससे खाते से रुपये भी नहीं कटते थे और हम लोग बिना रुपये दिए सामान भी ले आते हैं। कपड़े खरीदारी के नाम पर ठगी करने के मामले में पूछताछ की गई तो बताया कि 25 मई को नावेद की दुकान पर गए थे। खरीदारी करने के बाद फर्जी तरीके से भुगतान होना दिखा दिया था। इसके बाद दुकान पर रखा एक थैला भी चोरी कर लिया था।

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    प्रभारी निरीक्षक प्रदीप राय ने बताया कि अंशुल के मोबाइल में जो फोन पे का एप इस्टाल है वह फेक एप है। यह एप कुछ दिन पहले इंटरनेट पर देखा था।जिसके बाद मोबाइल में लोड कर लिया था। इस एप से जब हम किसी को पेमेंट करते है तो एप में ओरिजनल एप की तरह स्क्रीन दिखाता है। जितनी धनराशि को देना होता वह भरनी पड़ती है। पासवर्ड भी संबंधित व्यक्ति के सामने ही भर देते थे ताकि शक न हो।

    इस एप से भुगतान करते हैं तो हमारे खाते से कोई भी धनराशि नहीं कटती और न ही रिसीवर के खाते में रुपये पहुंचते थे। सिर्फ एप पेमेंट का सक्सेसफुल होना प्रदर्शित करने लगता है जिससे सामने वाले व्यक्ति को विश्वास हो जाता है कि भुगतान हो गया है। इस तरह धोखाधड़ी कर वह अपने सभी शौक पूरे करने लगे थे। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपितों को जेल भेजा जाएगा।

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