शामली के 10वीं के छात्र ने बनाया कमाल का App, घर के कचरे से उपयोगी सामान बनाना सिखाएगा 'जुगाड़िफाई'
शामली के 10वीं के छात्र अक्षित वर्मा ने 'जुगाड़िफाई' नामक एक मोबाइल ऐप बनाया है, जो घरों के कचरे से उपयोगी वस्तुएं बनाना सिखाता है। ...और पढ़ें

अक्षित वर्मा छात्र की ओर से बनाई गई एप्लीकेशन का फोटो और छात्र अक्षित वर्मा
HighLights
10वीं के छात्र अक्षित ने 'जुगाड़िफाई' मोबाइल ऐप बनाया।
यह ऐप कचरे से नई और उपयोगी चीजें बनाना सिखाता है।
अक्षित का मॉडल इंस्पायर मानक अवॉर्ड के लिए चयनित हुआ।
आकाश शर्मा, शामली। राह चलते बिखरे-जलते प्लास्टिक के ढेर और उनसे उठते जहरीले धुएं से व्यथित होकर 10वीं के छात्र ने तकनीक का ऐसा हथियार उठाया, जिसने कचरा प्रबंधन की पूरी अवधारणा को ही एक नई दिशा दे दी है।
अक्षित ने जुगाड़ी फाइल नाम से एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किया है, जो घरों और आसपास बचने वाले वेस्ट मटेरियल जैसे पुराने अखबार, प्लास्टिक की बोतल, कबाड़ और कचरे को फेंकने के बजाय उससे नई व उपयोगी चीजें बनाना सिखाएगी।
छात्र के इस मॉडल की प्रतिभा को देखते हुए इसका चयन प्रतिष्ठित इंस्पायर मानक अवॉर्ड के लिए हुआ है, जहां से छात्र को 10 हजार रुपये का पुरस्कार भी मिला। अब उसे नीति आयोग की मुख्य राष्ट्रीय लैब में भेजा गया है। यह एप्लीकेशन नीति आयोग की ओर से संचालित अटल टिंकरिंग लैब में बनाया गया है।
शहर के मुहल्ला दयानंद नगर निवासी पंकज कुमार वर्मा के पुत्र अक्षित वर्मा स्काटिश इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 10वीं का छात्र है। अक्षित ने बताया कि प्रतिदिन स्कूल आते-जाते समय रोडवेज बस स्टैंड और सड़कों के किनारे प्लास्टिक और कबाड़ बिखरा-जलता देखता था।
इस समस्या से चिंतित होकर उन्होंने विद्यालय में संचालित अटल टिंकरिंग लैब प्रभारी आयुष से मार्गदर्शन मांगा। लैब प्रभारी आयुष वर्मा के नेतृत्व में अक्षित ने जुगाड़िफाई नाम की एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन विकसित की। यह एप्लीकेशन घरों और आसपास बेकार पड़े कचरे जैसे पुराने समाचार पत्रों, प्लास्टिक की बोतलों और धातु कबाड़ को फेंकने या जलाने के स्थान पर उनसे दैनिक जीवन की सुंदर व उपयोगी वस्तुएं बनाना सिखाती है।
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छात्र की इस अद्भुत रचनात्मकता और माडल की उपयोगिता को देखते हुए इसे नीति आयोग की मुख्य राष्ट्रीय प्रयोगशाला में भेजा गया है। प्रयोगशाला प्रभारी आयुष ने बताया कि अक्षित का यह नवाचार कचरा प्रबंधन की दिशा में अच्छा साबित होगा। यह एप्लीकेशन समाज को सिखाएगी कि कबाड़ समझकर फेंकी जाने वाली चीजों को फिर से मूल्यवान कैसे बनाया जाए।
ऐसे कार्य करती है एप्लीकेशन
जुगाड़ी एप्लीकेशन की कार्यप्रणाली बेहद आसान और आधुनिक तकनीक पर आधारित है। उपभोक्ता जैसे ही अपने घर या आसपास पड़े किसी भी कचरे या बेकार सामान की फोटो खींचकर एप्लीकेशन पर अपलोड करेगा, यह तकनीक तुरंत उस कचरे से नया सामान बनाने की प्रक्रिया का वीडियो तैयार कर मोबाइल स्क्रीन पर भेज देगी।
इस वीडियो को देखकर उपभोक्ता उस कबाड़ से आवश्यकतानुसार नई और आकर्षक वस्तुएं तैयार कर सकेगा। यह एप्लीकेशन न केवल पर्यावरण को बचाने में मदद करेगी, बल्कि युवाओं और छात्रों में कौशल विकास को मजबूत कर उन्हें कबाड़ से नए-नए उपयोगी नवाचार करने के लिए प्रेरित करेगी।