यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP News: बैंकों में तानिया ऑटो मोबाइल के नाम से आया फर्जी ई-मेल और खातों से उड़ हो गए 25 लाख रुपये, साइबर ठगी का नया तरीका
Shamli Update News अब सीधा बैंक को निशाना बना रहे हैं साइबर ठग। तकनीकी युग में लोग स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करते हैं। जागरूकता के अभाव में ठग इसका फायद ...और पढ़ें

HighLights
- बड़े ग्राहकों के नाम से बैंकों को ई-मेल भेजकर करते हैं ठगी की घटना
- एलडीएम ने की सभी बैंक शाखाओं के मैनेजर से सतर्क रहने की अपील
जागरण संवाददाता,शामली। अभी तक साइबर ठग आमजन को ही शिकार बना रहे थे, लेकिन अब वेस्ट यूपी के बैंकों पर भी उनकी नजर है। ठग बैंकों में फर्जी ई-मेल भेज रहे हैं। इसकी शुरुआत मेरठ के पंजाब नेशनल बैंक की बेगम ब्रिज शाखा से हुई है, जहां पर ई-मेल भेजकर 25 लाख 37 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। इसके चलते ही शामली के लीड बैंक मैनेजर की ओर से सभी ग्राहकों और बैंक मैनेजर को सतर्क रहने की अपील की गई है।
फायदा उठा रहे हैं ठग
अब साइबर अपराधियों ने बैंक से ही ठगी करना शुरू कर दिया है। दरअसल, मेरठ के पंजाब नेशनल बैंक की बेगम ब्रज शाखा में तानिया ऑटो मोबाइल के नाम से फर्जी ई-मेल भेजकर तीन अलग-अलग बैंकों में 25 लाख 37 हजार, 350 रुपये का भुगतान करा लिया था। जब बैंक का संदेश शोरूम मालिक के पास पहुंचा तो उन्होंने बैंक से जानकारी की। इसके बाद बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक ने साइबर थाना मेरठ में मुकदमा दर्ज कराया था।
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मेरठ जोन में इस तरह की यह पहली ठगी है। इसके बाद सभी शाखा प्रबंधक अलर्ट हो गए हैं। शामली के लीड बैंक मैनेजर उमा शंकर गर्ग ने जिले के सभी 23 बैंकों और उनकी सभी शाखाओं के प्रबंधकों से सर्तक रहने की अपील की है।
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बैंक से ठगी करने का तरीका
साइबर अपराधी सबसे पहले बैंक के बड़े ग्राहकों को सर्च करते हैं, जिनकी ई-मेल पर बैंक आरटीजीएस से भुगतान कर दे। इसके बाद संबंधित बैंक को बड़े ग्राहक के नाम से ई-मेल भेजते हैं। इसके बाद फोन काल भी किया जाता है, जिससे बैंक के कर्मचारी को यकीन हो जाए कि आरटीजीएस ग्राहक की ओर से ही कराया जा रहा है। बैंक द्वारा भुगतान करने के बाद साइबर ठग मोबाइल फोन बंद कर देते हैं।
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ग्राहकों और बैंक प्रबंधकों को जागरूक कर रहे एलडीएम
एलडीएम उमा शंकर गर्ग ने बताया कि समय-समय पर बैंक प्रबंधकों को जागरूक किया जाता है। अब नया मामला सामने आया है, इसलिए सभी बैंक प्रबंधकों और ग्राहकों को जागरूक किया जाएगा। ज्यादातर बड़े व्यापारी ई-मेल भेजकर ही कार्य कराते हैं।
ऐसे बरतें सावधानी
- किसी भी खाते में रुपये ट्रांसफर करने से पहले उस व्यक्ति की पुष्टि करना जरूरी है।
- किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
- समय-समय पर अपने ओटीपी, पासवर्ड बदलते रहना चाहिए।
- अपने बैंक से मोबाइल में एसएमएस की सुविधा चालू रखें। जिससे पैसे कटते ही तुरंत आपको जानकारी मिल सके।
यदि किसी भी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा साइबर थाना पर भी आकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है। किसी भी अंजान व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी साझा न करें। -संजीव भट्रनागर, थाना प्रभारी साइबर थाना