Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    आठ साल बाद 'महिला' बनी फातमा, 11 साल पहले बदला था लिंग, दैनिक जागरण ने खबर चलाई तो चेंज हुआ जेंडर

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 08:53 PM (IST)

    शामली निवासी फातमा के आधार कार्ड में आठ साल से गलत दर्ज जेंडर (पुरुष) को दैनिक जागरण की खबर के बाद यूआईडीएआई के संज्ञान से महिला में संशोधित कर दिया ग ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. फातमा के आधार कार्ड में जेंडर त्रुटि आठ साल पुरानी थी।

    2. दैनिक जागरण की खबर के बाद यूआईडीएआई ने संज्ञान लिया।

    3. बिना मेडिकल जांच के आधार में जेंडर संशोधित हुआ।

    दिनेश गहलोत, शामली। गांव बलवा निवासी फातमा के आधार कार्ड में तकनीकी त्रुटि के कारण जेंडर पुरुष दर्ज हो गया था। आठ वर्ष से उसने अपना जेंडर महिला कराने के लिए जनसेवा केंद्र से लेकर, जिला और मंडल कार्यालय के साथ आधार मुख्यालय दिल्ली तक भागदौड़ करनी पड़ी थी, लेकिन जेंडर में संशोधन नहीं हो सका था।

    दैनिक जागरण के 25 जुलाई के अंक में प्रकाशित समाचार का संज्ञान लेकर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के महानिदेशक ने मामले का संज्ञान लेकर तत्काल पीड़िता के आधार में जेंडर संशोधन कराने के निर्देश दिए थे।

    31 जुलाई को फातमा के आधार में जेंडर में सफलता पूर्वक संशोधन हो गया है। एक अगस्त को जानकारी मिलने पर पर फातमा ने खुशी प्रकट कर दैनिक जागरण का आभार जताया।

    यह है पूरा मामला

    गांव बलवा निवासी 24 वर्षीय फातमा पुत्री तैयब के आधार कार्ड में महिला के स्थान पर पुरुष दर्ज होने की आठ वर्ष पुरानी त्रुटि शनिवार को दूर हो गई है, और आधार कार्ड पर अब जेंडर में महिला अंकित हो चुका है।

    बताते चलें कि वर्ष 2015 में जन्मतिथि संशोधन के दौरान आधार कार्ड में आपरेटर की त्रुटि से फातमा का जेंडर महिला के स्थान पर पुरुष दर्ज हो गया था। इसके बाद उन्होंने जिला स्तर से लेकर सहारनपुर जोन कार्यालय और नई दिल्ली स्थित यूआईडीएआई मुख्यालय तक आवेदन किए, लेकिन कुछ नहीं हुआ था।

    खबरें और भी

    दैनिक जागरण में 25 जुलाई के अंक में इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिस पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यलय लखनऊ के महानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह ने संज्ञान लेकर तत्काल संशोधन के निर्देश दिए थे।

    78451855

    इस पर क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के सहायक प्रबंधक राजीव कुमार त्रिपाठी ने जिला ऑपरेशन मैनेजर शामली अंकुर चिकारा को फातमा से संपर्क कर दोबारा आवेदन कराने के निर्देश दिए थे, जिस पर 27 जुलाई को फातमा को जिला आधार सेवा केंद्र पर बुलाया गया और उनके मोबाइल से भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण पर ई मेल के माध्यम से प्रार्थना पत्र भी भेजा गया था।

    31 जुलाई को आधार कार्ड क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक प्रबंधक राजीव कुमार त्रिपाठी ने जिला ऑपरेशन मैनेजर अंकुर को फोन पर बताया कि फातमा के आधार में त्रुटि का संशोधन कर जेंडर में महिला दर्ज कर दिया गया है, अब वह आधार सेवा केंद्र से अपना बायोमेट्रिक कराकर आधार कार्ड प्राप्त कर सकती है।

    बिना मेडिकल परीक्षण प्रकिया के हुआ संशाेधन

    फातमा आठ वर्षों से आधार कार्ड में संशोधन के लिए परेशानी थी। वह मेडिकल जांच कराने का आवेदन लेकर 23 जुलाई को सीएमओ कार्यालय पहुंची थी, जहां से उसे ऊन सीएचसी पर रेफर कर दिया गया। वहां तैनात महिला चिकित्सक ने उसे शामली सीएचसी अथवा मेरठ मेडिकल के लिए रेफर कर दिया था।

    इसके बाद फातमा सीएचसी शामली पहुंची थी जहां मेडिकल परीक्षण के तहत फातमा को कैरियोटाइपिंग जांच (आनुवंशिक परीक्षण) के लिए मेरठ रेफर किया गया था।  इसी बीच आधार सेवा केंद्र से फोन आने पर वह मेरठ नहीं गई थी। अब बिना मेडिकल जांच के फातमा के आधार में संशोधन हो गया है।

    यह भी पढ़ें- एक गलती और 8 साल की जंग: आधार में 'महिला' से 'पुरुष' हुई फातमा, जेंडर साबित करने के लिए कराएगी मेडिकल परीक्षण