यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शमीम की गिरफ्तारी के बाद खुल सकते है ISI एजेंट तहसीम के राज, इस तरह तैयार किया था वेस्ट यूपी से उत्तराखंड तक नेटवर्क
पिछले कई सालों से संदिग्ध गतिविधियों में शामिल तहसीम उर्फ मोटा ने अपनी गलियों में जहां इमरान के साथ मिलकर नकली नोटों की सप्लाई करने का कार्य किया था व ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता,शामली। एनआइए की जांच में आइएसआइ एजेंट तहसीम का कनेक्शन शमीम नाम के व्यक्ति से मिला है। जब जांच एजेंटी शमीम की तलाश कर रही है। सूत्रों की माने तो पौड़ी गढ़वाल और कैराना निवासी कुछ लोगों से भी तहसीम संपर्क में रहा है जांच एजेंसी उनकी भी तलाश कर रही है।
पिछले कई सालों से संदिग्ध गतिविधियों में शामिल तहसीम उर्फ मोटा ने अपनी गलियों में जहां इमरान के साथ मिलकर नकली नोटों की सप्लाई करने का कार्य किया था, वहीं दूसरी ओर वह पाकिस्तान की आइएसआइ के कमांडर दिलशाद उर्फ मिर्जा के आदेश अपने भाई कलीम के साथ मिलकर वेस्ट यूपी में ISI के लिए लोग तैयार कर रहा था।
उसने हेरोइन समेत अन्य ड्रग्स तस्करी के लिए उत्तराखंड समेत कई राज्यों में लोगों से संपर्क बना लिए थे। मंगलवार को एनआइए की टीम ने हेरोइन तस्करी के मामले में तहसीम उर्फ मोटा के माता आमना और पिता नफीस से सात घंटे तक पूछताछ की थी।
उन्होंने पूछताछ की शुरूआत में पहले कैराना निवासी रिश्तेदारों के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने पौड़ी गढ़वाल निवासी कई लोगों के नाम लेकर तहसीम के माता-पिता से उनके संबंध में पूछताछ की। हालांकि तहसीम के पिता नफीस इस संबंध में कोई खास जानकारी जांच एजेंसी को नहीं दे सके।
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सूत्रों की माने तो किसी शमीम नाम के व्यक्ति के संबंध में टीम ने कई बार पूछताछ की। सूत्रों का दावा है कि फरार आइएसआइ एजेंट शमीम के संपर्क में है। पूछताछ के दौरान नफीस ने बताया कि तहसीम के एक भाई का नाम भी शमीम है।
जिसपर टीम ने कहा कि उसके भाई की तो जानकारी है,लेकिन दूसरे शमीम के संबंध में जानकारी चाहिए। जिसपर नफीस ने चुप्पी साध ली थी। जांच एजेंजी कैराना और पौड़ी गढ़वाल निवासी जो लाेग तहसीम के संपर्क में रहे है उनकी जांच कर रही है।
दावा है कि भी है कि यदि शमीम नाम के व्यक्ति की गिरफ्तारी हो ताे आइएसआइ एजेंट के संबंध में विस्तृत जानकारी भी टीम को मिल सकती है।
नकली नोट की तस्करी कर वेस्ट यूपी में जोड़े थे लोग
दो अगस्त को बर्फखाने वाली गली से पुलिस ने इमरान को छह लाख आठ हजार 300 के नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया था। इसमें एसटीएफ के निरीक्षक प्रशांत कपील की ओर से पांच नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
जिसमें तहसीम उर्फ मोटा उर्फ तासीम पुत्र नफीस का भी नाम शामिल है। एसटीएफ ने बताया था कि आरोपित वेस्ट यूपी में नकली नोट की सप्लाई करते थे। इसके बाद 16 अगस्त को एसटीएफ मेरठ की टीम ने आइएसआइ एजेंट कलीम को गिरफ्तार किया।
तब भी तहसीम को मुकदमें में नामजद किया गया था। एसटीएफ ने बताया था कि आरोपित वेस्ट यूपी में आइएसआइ के लिए लोगों को तैयार कर रहे थे।
सूत्रों का दावा है कि जिन लोगों से तहसीम नकली नोटों की सप्लाई कराता था। उन लोगों को ही आइएसआइ के लिए भी तैयार करने की योजना बना रहा था। हालांकि कलीम की गिरफ्तारी के बाद तहसीम फरार चल रहा है।