सीएम योगी के सामने कनक ने बयां किया था फुरकान का डर, एनकाउंटर में खत्म हुआ खौफ
कैराना पलायन के लिए जिम्मेदार कुख्यात अपराधी फुरकान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, जिससे क्षेत्र में व्याप्त दहशत खत्म हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ...और पढ़ें

कुख्यात फुरकान की फाइल फोटो। जागरण
HighLights
कुख्यात अपराधी फुरकान पुलिस मुठभेड़ में ढेर, कैराना में खत्म हुआ खौफ।
2014 में व्यापारी विनोद सिंघल की हत्या का था आरोपी।
कनक ने सीएम योगी को बताया था फुरकान का डर।
शगुन चौहान, कैराना। जिस कैराना की गलियों को कुख्यात अपराधियों ने दहशत और पलायन के आंसुओं से भिगो दिया था, बुधवार को जिले की माटी पर कानून के इकबाल का परचम फिर लहराया। कैराना पलायन की काली पटकथा लिखने वाले और मुकीम काला गैंग के सबसे कुख्यात एक लाख के इनामी बदमाश फुरकान का पुलिस मुठभेड़ में अंत हो गया।
16 अगस्त 2014 को कैराना के मुख्य चौक बाजार में किराना व्यापारी एवं व्यापार मंडल के कोषाध्यक्ष विनोद कुमार सिंघल की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रंगदारी न देने पर हुई इस घटना के बाद व्यापारी का परिवार खौफ के साए में कैराना छोड़कर चला गया था। इसके बाद तत्कालीन सांसद हुकुम सिंह ने कैराना से 346 परिवारों के पलायन का मुद्दा उठाया था, जो राष्ट्रीय स्तर पर गूंजा था।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद कानून-व्यवस्था सुधरी तो सत्यापन के बाद यह परिवार कैराना लौटा और अब चौक बाजार में पुलिस सुरक्षा के बीच दुकान चला रहा है। नवंबर 2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैराना आए और बाजार में विजय मित्तल के आवास पर घर वापसी करने वाले परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री की नजर दिवंगत विनोद सिंघल की बेटी कनक पर पड़ी।
उन्होंने कनक को अपने पास बैठाकर सिर पर हाथ फेरा और पूछा था कि बेटा, अब तो मन में कोई डर नहीं है ना? कनक ने सहज भाव से उत्तर दिया... महाराज जी, आप हैं तो डर कैसा...पर उस बदमाश को मैंने हाल ही में अपनी गली के बाहर खड़ा देखा था। मासूम कनक के मुंह से निकला यह सच कानून-व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती था।
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मुख्यमंत्री के इस दौरे और जनसभा में अपराधियों को दी गई चेतावनी के महज 48 घंटे के भीतर फुरकान ने एनकाउंटर के डर से अपनी जमानत निरस्त कराई और खुद को बचाने के लिए जेल की पनाह ले ली। सीएम योगी ने बाद में प्रदेश के कई राजनीतिक मंचों से कनक की बात और जीरो टालरेंस की नीति का उल्लेख किया था। बुधवार दोपहर खाकी की गोलियों ने फुरकान को ढेर किया तो न सिर्फ एक कुख्यात अपराधी का अंत हुआ, बल्कि कनक और पूरे कैराना के मन में छिपा अंतिम डर भी हमेशा के लिए दफन हो गया।
स्मैक तस्करी से जुड़ गई पत्नी रेशमा
फुरकान के लंबे समय तक जेल में रहने के दौरान उसकी पत्नी रेशमा का नाम भी स्मैक तस्करी के मामलों में सामने आने लगा। पुलिस के मुताबिक कई बार रेशमा को स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया और एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजा गया। उसके स्मैक बेचने का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था।