शामली में हिंदू छात्रों के कलावा उतारने पर NHRC सख्त, मांगा जवाब, मुस्लिम टीचर पर छात्रों को अपमानित करने का आरोप
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शामली के अल्पाइन इंटरनेशनल स्कूल में छात्रों को तिलक लगाने और कलावा बांधने से रोकने के मामले में संज्ञान लिया है। आयोग ने ...और पढ़ें

HighLights
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले का संज्ञान लिया।
अल्पाइन इंटरनेशनल स्कूल शिक्षिका पर आरोप, हुई बर्खास्त।
सीबीएसई और यूपी सरकार से दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी।
आकाश शर्मा, शामली। अल्पाइन इंटरनेशनल स्कूल में छात्रों के तिलक लगाने और कलावा बांधने पर एक शिक्षिका ने रोक लगाई थी। इस पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग की विधि शाखा ने मामले का संज्ञान लेकर केस दर्ज किया है। इसके बाद नोटिस जारी किया है।
आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने प्रथम दृष्टया आरोपों को पीड़ितों के मानवाधिकारों का उल्लंघन माना है। इस प्रकरण में सीबीएसई के अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक शामली को नोटिस जारी कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
हिंदू संगठन के पदाधिकारियों एवं अभिभावकों ने किया था हंगामा
17 जुलाई को जलालाबाद के अल्पाइन इंटरनेशनल स्कूल में हिंदू संगठन के पदाधिकारियों एवं अभिभावकों ने हंगामा किया था। उनका आरोप था कि विद्यालय की योग शिक्षिका अजका ने कुछ छात्र-छात्राओं के हाथ में बंधा कलावा जबरन उतरवा दिया था और भविष्य में तिलक लगाकर स्कूल में न आने के निर्देश दिए थे।
छात्र-छात्राओं द्वारा घर पहुंचकर स्वजन को जानकारी दी गई थी। जिसके बाद अभिभावकों ने प्रधानाचार्या व स्कूल प्रबंधन से कड़ा विरोध जताया था। एबीवीपी के जिला संयोजक राहुल शर्मा के नेतृत्व में स्कूल पहुंचे एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानाचार्य निर्मला मलिक व कालेज के प्रबंधक समक्ष रोष व्यक्त किया था। बाद में प्रबंधन ने शिक्षिका अजका को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया था।
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प्रकरण इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद सेवा न्याय फाउंडेशन की ओर से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत की गई थी। पूरी घटना से जुड़ा एक पत्र एक्स पर सेवा न्याय फाउंडेशन और समाजसेवी स्वामी गोयल शर्मा की ओर से पोस्ट किया गया है। जिस पर शामली पुलिस ने लिखा कि प्रकरण संज्ञान में है। जांच जारी है।