शिक्षा ऋण में सब्सिडी न देने पर पीएनबी पर 45 हजार का जुर्माना, आयोग ने वाद की सुनवाई कर सुनाया फैसला
शामली उपभोक्ता आयोग ने शिक्षा ऋण पर ब्याज सब्सिडी का पूरा लाभ न देने पर पंजाब नेशनल बैंक को दोषी ठहराया है। बैंक पर 45 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गय ...और पढ़ें
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शिक्षा ऋण में सब्सिडी न देने पर पीएनबी पर 45 हजार का जुर्माना। एआई जनरेटेड
HighLights
पीएनबी को शिक्षा ऋण सब्सिडी न देने पर दोषी ठहराया गया।
उपभोक्ता आयोग ने बैंक पर 45 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
बैंक को 45 दिनों में आदेश का पालन करने का निर्देश।
जागरण संवाददाता, शामली। शामली में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने शिक्षा ऋण पर ब्याज सब्सिडी का पूरा लाभ न देकर सेवा में कमी करने के मामले में पंजाब नेशनल बैंक को दोषी करार दिया है।
उपभोक्ता आयोग ने बैंक पर 45 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही राजकोष में अर्थदंड जमा करने का आदेश दिया है।
हनुमान रोड निवासी श्रेया अग्रवाल ने 23 जून 2023 को जिला उपभोक्ता विवाद आयोग में वाद दायर किया था। उपभोक्ता ने वर्ष 2014 में देहरादून के जीआरडी कॉलेज से बीएससी बायोटेक कोर्स की पढ़ाई के लिए पंजाब नेशनल बैंक (तत्कालीन ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स) की हनुमान रोड शाखा से दो लाख 70 हजार रुपये का एजुकेशन लोन लिया था।
तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने भरोसा दिया था
लोन लेते समय बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने भरोसा दिया था कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की योजना के तहत पढ़ाई की अवधि और एक वर्ष के मोरेटोरियम पीरियड को मिलाकर कुल चार वर्षों तक लगने वाले ब्याज पर पूरी सब्सिडी दी जाएगी।
बैंक ने लोन की राशि तीन किस्तों में जारी की और शुरुआत में कुछ समय तक सब्सिडी का लाभ भी दिया, लेकिन बाद में सब्सिडी देना बंद कर दिया। उपभोक्ता के बार-बार संपर्क करने और लिखित प्रार्थना पत्र देने के बावजूद बैंक अधिकारियों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
जिला उपभोक्ता आयोग की शरण ली
पीड़ित ने वर्ष 2023 में जिला उपभोक्ता आयोग की शरण ली। आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने सदस्य अभिनव अग्रवाल व महिला सदस्य अमरजीत कौर की मौजूदगी में सुनवाई की। साक्ष्य के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि केंद्र सरकार की इस योजना में केनरा बैंक नोडल एजेंसी था, लेकिन पीएनबी शाखा के स्तर पर लापरवाही के कारण सब्सिडी का पूर्ण लाभ नहीं मिल सका, जिससे उन्हें मानसिक, आर्थिक और शारीरिक कष्ट उठाना पड़ा।
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उपभोक्ता आयोग ने बैंक की इस कार्यप्रणाली को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का मामला माना। आयोग अध्यक्ष ने अपने आदेश में पंजाब नेशनल बैंक को निर्देशित किया है कि वह परिवादी को मानसिक और आर्थिक क्षतिपूर्ति के रूप में 20 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये का भुगतान करे।
इसके साथ ही, उपभोक्ता के प्रति अनुचित व्यवहार के लिए बैंक पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी आरोपित किया गया है, जो नियमानुसार राजकीय कोष में जमा कराया जाएगा।
उपभोक्ता आयोग ने बैंक को आदेश के अनुपालन के लिए 45 दिनों का समय दिया है। स्पष्ट किया कि समय सीमा में आदेश का पालन न होने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।