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    जिला अस्पताल में लैपटाॅप लेकर बैठे DM शामली, स्टाफ के फूले हाथ-पांव; निरीक्षण से पहले वार्ड में छिड़का रूम फ्रेशनर

    By Anuj Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Tue, 05 May 2026 06:25 PM (IST)

    शामली के जिलाधिकारी आलोक यादव ने जिला संयुक्त चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया, जहां उन्होंने लैपटॉप से दवाओं के स्टॉक का ऑनलाइन मिलान किया। ...और पढ़ें

    शामली के जिला अस्पताल में दवाई स्टोर कक्ष में निरीक्षण के दौरान सीएमओ एवं सीएमएस को निर्देश देते डीएम आलोक यादव। जागरण

    शामली के जिला अस्पताल में दवाई स्टोर कक्ष में निरीक्षण के दौरान सीएमओ एवं सीएमएस को निर्देश देते डीएम आलोक यादव। जागरण


     

    HighLights

    1. पीकू वार्ड में मिली गंदगी व लैब में मरीजों के हाथों में सैंपल थमाने पर अफसरों को फटकार

    2. अल्ट्रासाउंड, एक्सरे व सीटी स्कैन केंद्र के बाहर डीएम ने मरीजों से सुविधाओं पर की बात

    जागरण संवाददाता, शामली। जिलाधिकारी ने जिला संयुक्त चिकित्सालय का निरीक्षण किया। अस्पताल में घुसते ही वहां अफरा-तफरी का माहौल रहा। इस दौरान डीएम का हाईटेक और सख्त अंदाज देखने को मिला, जिससे अस्पताल के अधिकारियों-कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए।

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    शामली जिला अस्पताल में डीएम के निरीक्षण से पहले वार्ड में रूम फ्रेशनर छिड़कता कर्मचारी। जागरण

    मंगलवार सुबह निरीक्षण के दौरान डीएम आलोक यादव जैसे ही संयुक्त चिकित्सालय के कक्षों में दाखिल हुए, तो उन्हें दीवारों पर जाले लटके मिले, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। इसके बाद वे सीधे दवा स्टोर पहुंचे। यहां उन्होंने अपने अर्दली से तत्काल लैपटाप मंगवाया और खुद उसे आपरेट करते हुए शासन से मिली दवाओं के डेटा का आनलाइन मिलान शुरू कर दिया।

    डीएम ने लैपटाप पर चेक लिस्ट के आधार पर एक-एक दवा की उपलब्धता और स्टाक को क्रास-चेक किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डेटा में हेरफेर और एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण में कोताही मिलने पर कार्रवाई होगी। हालांकि दवा का स्टाक ठीक मिल गया।

    डीएम ने सीएमओ डा. अनिल कुमार को निर्देशित किया कि लंबित कार्यों की सूची बनाकर भेजें ताकि वे खुद शासन स्तर पर पैरवी कर सकें।

    यह भी पढ़ें- IAS Alok Yadav: कौन हैं आलोक यादव, जो बनें शामली के DM; वेस्ट यूपी में कार्य करने का है उन्हें पूर्व अनुभव

    अस्पताल के सीटी स्कैन विभाग में जल्द जांच कराने के नाम पर अवैध वसूली का प्रकरण डीएम के संज्ञान में आया था। इस मामले में डीएम के द्वारा गठित जांच कमेटी के आरोप सही मिले। सीएमओ ने कार्रवाई करते हुए गार्ड गौरव कुमार की सेवा तत्काल समाप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टाफ को चेतावनी दी कि मरीजों के साथ व्यवहार बेहतर होना चाहिए।

    डीएम ने अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एक्स-रे कक्ष के बाहर खड़े मरीजों के बीच पहुंचकर उनसे सीधा संवाद किया। उन्होंने कैराना निवासी नौशाद से पूछा कि जांच के बदले कोई अवैध रुपया तो नहीं मांग रहा?

    मरीज ने सुविधाओं को ठीक बताया और अवैध वसूली से इनकार किया। सिसौली की पूर्व चेयरमैन शकुंतला देवी ने बताया कि अस्पताल में सुविधाएं मुजफ्फरनगर से बेहतर है, इसलिए वे उपचार कराने यहां पहुंची हैं। वहीं कई मरीजों से भी डीएम ने बात की। निरीक्षण के दौरान सीएमएस डा. किशोर आहूजा समेत समस्त चिकित्सा स्टाफ मौजूद रहा।

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    गंदगी देख बिफरे डीएम, सीएमएस को दी चेतावनी

    पीकू वार्ड और एचडीयू कक्ष में बिस्तरों पर जमी धूल और चारों तरफ फैली गंदगी देख डीएम का पारा चढ़ गया। सीएमएस डा. किशोर आहूजा ने तर्क दिया कि ये कक्ष प्रयोग में नहीं हैं, तो डीएम ने दो टूक कहा कि तीन दिन पहले ही हमने निरीक्षण की सूचना दी थी, फिर भी यह लापरवाही क्यों मिली। डीएम ने चेताया कि अस्पताल की गरिमा सफाई से ही है और स्वच्छता से कोई समझौता न हो।

    इसके साथ ही डीएम ने काउंटर पर आफ लाइन पर्ची बनते देख इंटरनेट सेवा तत्काल सही करने के निर्देश दिए। पैथोलाजी लैब में मरीजों द्वारा खुद सैंपल जमा करने पर डीएम ने इंचार्ज को फटकार लगाई और कहा कि कर्मचारी खुद सैंपल कलेक्ट करें ताकि संक्रमण का खतरा न हो। हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. रामनिवास ने सी-आर्म मशीन खराब होने की बात बताने पर डीएम ने शासन को भेजने के लिए तत्काल प्रस्ताव मांगा।