सूर्यदेव के रौद्र रूप से उबला शामली, 44 डिग्री पारे से जनजीवन बेहाल
Shamli weather : शामली में नौतपा से पहले ही भीषण गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बुधवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिस ...और पढ़ें

HighLights
दोपहर होते ही सड़कों पर पसरा सन्नाटा।
गर्मी से सूर्यास्त के बाद भी राहत नहीं।
जागरण संवाददाता, शामली। वर्षा और आंधी के गुजरते ही जिले में नौतपा से पहले ही आसमान से आग बरसने लगी है। सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने आम जनजीवन को पूरी तरह बेपटरी कर दिया है।
बुधवार को थपेड़े मारती गर्म हवाओं के बीच सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जिसने पिछले कई वर्षों के रिकार्ड ध्वस्त कर दिए। जिले का अधिकतम तापमान छलांग लगाकर 44 डिग्री पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी उछाल के साथ 31 डिग्री सेल्सियस रहा।
बुधवार को सुबह दस बजते ही सूरज की तल्खी इस कदर बढ़ी कि दोपहर होते-होते शहर से लेकर देहात तक की व्यस्त सड़कें सूनी हो गईं और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। जिले में 13 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही पछुआ हवाओं ने बदन को झुलसाकर रख दिया।
वहीं वातावरण में आर्द्रता (नमी) घटकर महज 19 प्रतिशत रह जाने से हवा बेहद शुष्क रही। जिसके कारण तपिश का अहसास सामान्य से कई गुना अधिक रहा। राहत की बात केवल इतनी है कि वायु गुणवत्ता सूचकांक 165 संतोषजनक श्रेणी में रहा।
गर्मी के कारण सूर्यास्त के बाद भी राहत नहीं मिल रही है। कंक्रीट के मकान और तपती धरती रात में भी परेशान कर रहे हैं। देर रात तक उमस और गर्म हवाएं लोगों का दम घोंट रही हैं। मजबूरी में बाहर निकलने वाले लोग सिर से पैर तक सूती कपड़ों और गमछों में लिपटे नजर आ रहे हैं.
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भीषण गर्मी की मार से बाजार भी कराह उठा है। दोपहर के समय ग्राहक न होने से कपड़ा, सराफा, बर्तन, गिफ्ट, सूखे मेवे और मसालों के व्यापार में भारी मंदी देखी जा रही है। इसके विपरीत राहगीरों को राहत देने वाले गन्ने का रस, बेल का शरबत, शिकंजी और लस्सी के ठेलों पर भीड़ नजर आ रही है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।