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    बल्ब बंद करते समय करंट लगने से सास-बहू की मौत, शामली में दर्दनाक हादसे से गांव में पसरा मातम

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 08:41 PM (IST)

    शामली के कसेरवा कलां गांव में बल्ब बंद करते समय करंट लगने से 85 वर्षीय सास और 45 वर्षीय बहू की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार ने पुलिस कार्रवाई से इनकार ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    HighLights

    1. शामली के कसेरवा कलां गांव में हुई घटना।

    2. बल्ब बंद करते समय करंट लगने से मौत।

    3. सास और बहू दोनों की मौके पर मृत्यु।

    जागरण संवाददाता, शामली। गांव कसेरवा कला में शुक्रवार देर रात 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला जलते बल्ब को डंडे की मदद से बंद करने का प्रयास कर हीं थीं, तभी एक तार टूट कर उसके पैर पर गिर गया और वह करंट की चपेट में आ गई।

    चीख सुनकर कमरे में सो रही उनकी बहू ने सास को बचाने की कोशिश की तो वह भी करंट की चपेट में आ गई और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। सुबह बुजुर्ग महिला का पुत्र घेर से घर आया और मामले की जानकारी हुई।

    घटना के वक्त अन्य सदस्य पहली मंजिल पर बने कमरों में सो रहे थे। सास-बहू की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया। स्वजन ने किसी पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दोनों शवों को सिपुर्द-ए-खाक कर दिया।

    यह है पूरी घटना

    आदर्श मंडी थानाक्षेत्र के गांव कसेरवा कलां निवासी रोजूद्दीन शुक्रवार रात रोजाना की तरह अपने घेर में सोने चले गए थे। घर के निचले कमरे में उनकी 85 वर्षीय मां बतून पत्नी स्व.शेरद्दीन और 45 वर्षीय पत्नी खुशनुमा सो रही थी, जबकि अन्य स्वजन व बच्चे मकान के ऊपर वाले कमरे में सो रहे थे।

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    बताया कि देर रात किसी समय आंख खुलने पर 85 वर्षीय बतून ने बल्ब जलता देखा। इस पर उन्होंने बल्ब बंद करने के लिए तार पर डंडा (जिससे वह चलती थी) मार दिया।

    डंडा लगते ही एक तार नीचे गिर गया, जबकि बल्ब का दूसरा तार स्विच में लगा रहा और वह बुजुर्ग के पैर से टच हो गया। उनकी चीख निकली और जमीन पर गई गईं।

    पास में सो रही पुत्रवधू ने उनको उठाने का प्रयास किया तो वह भी करंट की चपेट में आ गई, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। ऊपरी मंजिल पर सो रहे अन्य स्वजन को रात में हादसे का अहसास तक नहीं हो सका।

    शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे जब रोजूद्दीन घेर से घर पहुंचे, तो उसने कमरे में मां और पत्नी के शव को एक-दूसरे के पास देखा और शोर मचा दिया।

    ग्रामीणों ने बिजली घर में फोन कर लाइट बंद कराई गई। इसके बाद शव को अलग-अलग किया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई थी। हालांकि, स्वजन की ओर से पोस्टमार्टम के लिए इनकार कर दिया गया। लेखपाल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।

    रोजूद्दीन चार भाई हैं। उनके पिता की पांच साल पहले मौत हो चुकी है, जबकि रोजूद्दीन के नौ बच्चे हैं। इनमें छह लड़के और तीन लड़कियां हैं। इनमें अधिकतर बच्चे नौकरी के लिए बाहर रहते हैं। शाम को गमगीन माहौल में दोनों के शव को सिपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।

    एएसपी सुमित शुक्ला ने बताया कि करंट से सास-बहू की मौत हो गई थी। स्वजन ने किसी भी पुलिस कार्रवाई और शवों के पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था।