पंचायत चुनाव से पहले कैराना में हथियारों की बड़ी खेप पकड़ी, चार गिरफ्तार; सूरत से हो रही थी तस्करी
कैराना पुलिस ने पंचायत चुनाव से पहले सूरत से हथियारों की तस्करी करने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

शामली पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता के दौरान आरोपित के पास से बरामद पिस्टल एवं तमंचे। जागरण
HighLights
कैराना पुलिस ने चार हथियार तस्करों को किया गिरफ्तार।
आरोपियों से एक पिस्टल और दस तमंचे बरामद हुए।
मुख्य सरगना आरिफ पिस्टल की तलाश में पुलिस सूरत जाएगी।
जागरण संवाददाता, शामली। पंचायत चुनाव से पहले सूरत से पिस्टल, तमंचों की सप्लाई मंगाकर इंटरनेट मीडिया के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को बेचने वाले चार लोगों को कैराना पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपितों से एक पिस्टल और 10 तमंचे बरामद किए गए।
आरोपित पंचायत चुनाव से पहले क्षेत्र में बढ़ती मांग के बीच तस्करी कर रहे थे। पुलिस अब सूरत से पिस्टल तस्करी के आरोपित आरिफ पिस्टल (मूल निवासी कैराना) की तलाश में दबिश दे रही है, उसकी तलाश के लिए सूरत भी जाएगी। चूंकि वह तीन मामलों में शामली से वांछित चल रहा है। उसके खिलाफ धारा-82 के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।
फेसबुक पर वायरल वीडियो के बाद पुलिस एक्शन
रविवार को शामली पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान एसपी एनपी सिंह ने बताया कि पिछले दिनों कैराना पुलिस को फेसबुक पर एक वीडियो प्रसारित होने की सूचना मिली थी।
वीडियो में गांव बराला थाना कैराना निवासी सौरभ पुत्र वीरेंद्र पिस्टल को खोलता और बंद करता हुआ नजर आ रहा था। वह इस पिस्टल को बेचने के लिए इंटरनेट मीडिया पर प्रदर्शन कर रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सौरभ पुत्र वीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से 32 बोर की पिस्टल बरामद की।
पूछताछ के दौरान सौरभ ने बताया कि इस गिरोह का मुख्य सप्लायर सूरत (गुजरात) निवासी आरिफ पिस्टल है, जो मूल रूप से गांव तीतरवाड़ा थाना कैराना जनपद शामली का रहने वाला है। आरिफ बुरहानपुर में बनी पिस्टल और तमंचे सप्लाई करता है।
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सौरभ ने पुलिस को यह भी बताया कि तमंचे उसके अन्य साथियों के पास रखे हुए हैं, जिन्हें वे क्षेत्र में बेचने वाले थे। पुलिस ने गांव बराला निवासी समीर पुत्र जाबिर, उस्मान उर्फ गोल्डी पुत्र सूफियान और कौशर पुत्र कबूल को दबिश देकर गिरफ्तार किया। उनके पास से 10 तमंचे और 21 कारतूस बरामद किए गए।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने बताया कि अवैध हथियारों की बिक्री कर निजी शौक पूरे किया करते थे। गिरोह के सदस्य 2300 से 2500 रुपये में तमंचा खरीदकर लगभग पांच हजार रुपये में बेचते थे। वहीं 15 हजार या 20 हजार रुपये में मिलने वाली पिस्टल को लोकल मार्केट में 50 हजार से 60 हजार रुपये तक में बेचा जाता था।
दिल्ली-हरियाणा में गिरफ्तार हो चुका है सप्लायर
पुलिस के अनुसार, आगामी पंचायत चुनाव से पहले क्षेत्र में बढ़ती मांग के बीच हथियारों की यह खेप कैराना क्षेत्र में तस्करी कर लाई गई थी। मुख्य सप्लायर आरिफ पिस्टल पहले भी दिल्ली और हरियाणा में गिरफ्तार किया जा चुका है।
तीन मामलों में शामली से वांछित चल रहा है। उसके खिलाफ धारा-82 के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। उसका एक अन्य साथी नोमान भी पहले से वांछित चल रहा था, जिसकी सड़क हादसे में मौत हो चुकी है।
पुलिस की एक टीम आरिफ की गिरफ्तारी के लिए सूरत भेजी जा रही है, और उसके अन्य ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अब अवैध हथियार खरीदने वाले तस्करों की तलाश में लगी है।