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    2017 से पहले जय श्रीराम बोलने वालों पर लाठियां और गोलियां चलती थीं... आज सरकार करती है आस्था का सम्मान : योगी

    By Anuj Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Fri, 17 Jul 2026 06:21 PM (IST)

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैराना में ₹581 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया और पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले जय श्रीरा ...और पढ़ें

    कैराना में विजय सिंह पथिक डिग्री कालेज में जनसभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। जागरण

    कैराना में विजय सिंह पथिक डिग्री कालेज में जनसभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। जागरण

    HighLights

    1. कैराना क्षेत्र में ₹581 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन।

    2. पूर्ववर्ती सरकारों पर आस्था के अपमान और माफियाराज का आरोप।

    3. वर्तमान सरकार में सुरक्षा, रोजगार, चीनी मिलों का आधुनिकीकरण।

    जागरण संवाददाता, शामली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैराना में 581 करोड़ की 89 से अधिक विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए पूर्ववर्ती भर्ती व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ सैफई को ध्यान में रखकर नौकरियां निकलती थीं और शामली के युवाओं का अधिकार छीन लिया जाता था। वर्तमान सरकार ने उस सिंडिकेट को खत्म कर पूरे प्रदेश के युवाओं को योग्यता के आधार पर पारदर्शी रोजगार दिया है।

    शुक्रवार को कैराना के विजय सिंह पथिक राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली और कैराना के अभूतपूर्व बदलाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले तक जो क्षेत्र पलायन, तुष्टिकरण, गुंडागर्दी और डेमोग्राफी बदलने की साजिशों के कारण असुरक्षा के साये में जीने को मजबूर था, आज वह डबल इंजन सरकार के प्रभावी सुरक्षा माडल, एक्सप्रेस-वे की रफ्तार और गन्ने की मिठास से देश-दुनिया में नई चमक बिखेर रहा है। पहले जहां व्यापारियों को क्षेत्र से पलायन करना पड़ता था, वहीं आज अपराधी और माफिया पलायन कर रहे हैं।

    उन्होंने कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों को सख्त लहजे में सचेत किया कि उनके लिए केवल जेल या जहन्नुम ही एकमात्र ठिकाना है। मुख्यमंत्री ने शामली के आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए कहा कि पांच हजार वर्ष पूर्व महाभारत काल में कुरुक्षेत्र जाते समय भगवान श्रीकृष्ण ने इसी पावन हनुमान टीला पर विश्राम किया था। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम और शास्त्रीय संगीत के किराना घराना व पंडित भीमसेन जोशी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इस ऐतिहासिक गौरव को नष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन वर्तमान सरकार सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को पुनर्स्थापित कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज आस्था की बात कर रहे हैं, वही 2017 से पहले जय श्रीराम बोलने वालों पर लाठियां और गोलियां चलवाते थे।

    कांवड़ यात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और रामनवमी की शोभायात्राओं को प्रतिबंधित करते थे। आज सरकार स्वयं पुष्पवर्षा कर आस्था का सम्मान करती है। किसानों और विकास के मुद्दों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2007 से 2017 के बीच सपा-बसपा सरकारों में 29 चीनी मिलें बंद हुईं और 21 मिलों को औने-पौने दामों पर बेच दिया गया था, जबकि आज प्रदेश की सभी 122 चीनी मिलें संचालित हैं। प्रदेश आज गन्ना, चीनी और एथेनाल उत्पादन में देश में नंबर एक है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के बाद चीनी मिलों के आधुनिकीकरण में पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा के योगदान की खुलकर सराहना की।

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    सूबे में बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले लखनऊ में सत्तासीन लोग दोपहर 12 बजे सोकर उठते थे, और माफिया का सम्मान करते थे, लेकिन अब सुबह चार बजे उठकर सिर्फ प्रदेश के विकास और जनहित के लिए काम होता है। कहा कि शामली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का हिस्सा है, और यहां अत्याधुनिक टेक्सटाइल पार्क स्थापित होने जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे। बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर उन्होंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, शामली-अंबाला एक्सप्रेस-वे और लगभग 750 किलोमीटर लंबे गोरखपुर-शामली इकोनामिक कारिडोर के संगम का विवरण दिया, जो भविष्य में सिलीगुड़ी तक संपर्क स्थापित करेगा।

    इसके साथ ही जिले में 400 केवीए सब-स्टेशन, पांच टन क्षमता का सीएनजी बायोगैस प्लांट, पीपीपी माडल पर मेडिकल कालेज, कैराना में पीएसी बटालियन और पुलिस लाइन का निर्माण कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने कैराना के ऊंचागांव स्थित निर्माणाधीन पीएसी कैंप का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। जनसभा के अंत में उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र व आवास की चाबियां भी सौंपी।