श्रावस्ती में 20 पेड़ का लिया परमिट, काट डाले 40 से अधिक सागौन के वृक्ष; रेंजर की जांच के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
श्रावस्ती के सिरसिया क्षेत्र में एक ठेकेदार ने 20 पेड़ों की परमिट पर 40 से अधिक सागौन के पेड़ अवैध रूप से काट दिए और सबूत छिपाने का प्रयास किया। ग्राम ...और पढ़ें
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HighLights
ठेकेदार ने 20 की परमिट पर 40 से अधिक पेड़ काटे।
काटे गए पेड़ों के बूटों को पत्तियों से छिपाया गया।
वन विभाग मामले की पुनः जांच कर कार्रवाई का आश्वासन।
संवाद सूत्र, सिरसिया (श्रावस्ती)। सिरसिया क्षेत्र के ग्राम पंचायत मधवापुर के कोनहा गांव में ठेकेदार 20 पेड़ की परमिट पर 40 से अधिक सागौन के पेड़ कटवा कर उठा ले गए। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के लिए काटे गए पेड़ों के बूटों को पत्तियों से छिपा दिया। इसका वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वन विभाग मामले की जांच कर रहा है।
कोनहा गांव स्थित एक किसान के लगभग एक बीघे भूमि में सागौन के पेड़ लगे थे। किसान ने इन पेड़ों को एक लकड़ी ठेकेदार के हाथ बेच दिया। ठेकेदार ने वन विभाग से साठगांठ कर 20 पेड़ों की परमिट करवाई। इसके बाद रातोंरात 40 से अधिक सागौन के पेड़ों को कटवा डाला और लकड़ी उठा ले गए। ग्रामीणों का आरोप है कि परमिट से अधिक पेड़ों के कटान के साक्ष्य मिटाने में ठेकेदार माहिर है।
जमीन से कुछ हिस्सा छोड़ना होता है जरूरी
नियमानुसार परमिट पर पेड़ों की कटान के दौरान जमीन से कुछ हिस्सा (स्टंप) छोड़ना जरूरी होता है, ताकि बाद में वन विभाग की ओर से उसकी नपत और सत्यापन किया जा सके, लेकिन ऐसे कई मामलों में नियमों की अनदेखी करते हुए ठेकेदार की ओर से पेड़ों को काटा गया है। ग्रामीणों ने अवैध कटान की शिकायत भिनगा रेंजर प्रमोद कुमार सिंह से की तो उन्होंने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
वनकर्मियों के साथ रेंजर स्वयं मौके पर पहुंचे। ठेकेदार की ओर से रेंजर को काटे जा रहे 20 पेड़ों का ही साक्ष्य दिखाया गया। आरोप है कि बिना परमिट के काटे गए पेड़ों के बोटों को ठेकेदार अलग स्थान पर उठा ले गए और बूंटों को पेड़ों की टहनियों और पत्तों से छिपा दिया। ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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जांच के लिए मौके पर टीम भेजी गई थी। टीम की रिपोर्ट में अवैध कटान की पुष्टि नहीं हुई है। अपने संज्ञान में लेकर पुनः जांच करवाऊंगा। अवैध कटान मिलता है, तो कार्रवाई होगी। -धनराज मीणा, डीएफओ श्रावस्ती।