खलीलाबाद-बहराइच रेल परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, लखनऊ और गोरखपुर का सफर होगा आसान
खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन परियोजना ने गति पकड़ ली है, जिसके पहले चरण में 19 किलोमीटर ट्रैक के लिए मिट्टी भराई का काम लगभग पूरा हो गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
खलीलाबाद-बहराइच रेल परियोजना के 19 किमी ट्रैक की मिट्टी भराई पूरी।
बांसी में नए रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य भी हुआ शुरू।
परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण संपन्न।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। लंबे समय से प्रतीक्षित खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन परियोजना के निर्माण कार्य ने अब गति पकड़नी शुरू कर दी है। परियोजना के प्रथम चरण में 54 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण होना है। इसके लिए ट्रैक बिछाने से पहले रेलवे लाइन के लिए जमीन को तैयार करने का काम तेजी से कराया जा रहा है।
बांसी तहसील में करमा से गौरी तक करीब 19 किलोमीटर हिस्से में मिट्टी डालने और भराई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। शेष हिस्से में भी जल्द ही कार्य शुरू कराने की तैयारी है। निर्माण की रफ्तार बढ़ने से क्षेत्रवासियों में वर्षों से देखे जा रहे रेल सुविधा के सपने के साकार होने की उम्मीद मजबूत हुई है।
पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन परियोजना के तहत कुल 264 किलोमीटर रेल मार्ग का निर्माण तीन चरणों में प्रस्तावित है। प्रथम चरण के लिए बांसी तहसील क्षेत्र के 27 गांवों की 82.81 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
प्रभावित किसानों को भूमि का मुआवजा देने के लिए एक करोड़ 46 लाख रुपये का अवार्ड तैयार किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
मिट्टी भराई लगभग पूरी
प्रथम चरण के 54 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग में करमा से गौरी तक मिट्टी भराई का कार्य प्राथमिकता के साथ कराया जा रहा है। करीब 19 किलोमीटर हिस्से में मिट्टी डालने और उसे समतल करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब शेष हिस्से में भी मिट्टी भराई कराकर रेल ट्रैक के लिए आधार तैयार किया जाएगा। इसके बाद ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
बांसी में शुरू हुआ बड़े स्टेशन का निर्माण
परियोजना के तहत बांसी में बड़े रेलवे स्टेशन के निर्माण का कार्य भी प्रारंभ हो गया है। कार्यदायी संस्था की ओर से आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर निर्माण कराया जा रहा है। स्टेशन बनने से बांसी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।
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रेल सेवा शुरू होने पर क्षेत्रवासियों को लखनऊ, गोरखपुर समेत अन्य प्रमुख शहरों तक पहुंचने में सहूलियत होगी। रेल लाइन की जद में प्रथम चरण में 1326 पेड़ भी आए हैं। वन विभाग ने इनके स्वामियों को मुआवजा देने के लिए 30 लाख 21 हजार 444 रुपये का मूल्यांकन किया था। विभाग ने सभी संबंधित पेड़ स्वामियों को मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है।
प्रथम चरण में रेलवे ट्रैक के निर्माण के लिए मिट्टी भराई का कार्य चल रहा है। करमा से गौरी तक करीब 19 किलोमीटर हिस्से में कार्य लगभग पूरा हो चुका है। बांसी में रेलवे स्टेशन का निर्माण भी प्रारंभ हो गया है और कार्य प्रगति पर है।
बृजेश कुमार मिश्रा, सेक्शन इंजीनियर, पूर्वोत्तर रेलवे
