नेपाल में बदली व्यवस्था से पर्यटन और सीमावर्ती कारोबार को मिलेगा बढ़ावा, डिजिटल भुगतान पर भी जोर
नेपाल सरकार की नई आर्थिक एवं पर्यटन नीति (2083) सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगी। यह नीति प्रक्रियाओं को सरल बनाएगी, डिजिटल भु ...और पढ़ें

नेपाल में बदली व्यवस्था से पर्यटन और सीमावर्ती कारोबार को मिलेगा बढ़ावा।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, बढ़नी। नेपाल सरकार द्वारा लागू की गई नई आर्थिक एवं पर्यटन व्यवस्था को सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है। पुरानी 2064 नीति की तुलना में नई 2083 व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और तकनीक आधारित बनाया गया है।
सरकार का उद्देश्य व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाकर निवेश को बढ़ावा देना, पर्यटन गतिविधियों को सुगम करना तथा प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। सीमाई क्षेत्रों में रहने वाले व्यापारी और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग इसे सकारात्मक पहल मान रहे हैं।
नई व्यवस्था के तहत कर प्रणाली में बदलाव कर व्यापारियों और मध्यम वर्ग को राहत देने की तैयारी की गई है। सभी आर्थिक लेन-देन को डिजिटल माध्यम से जोड़ने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसी क्रम में भारत से नेपाल आने वाले पर्यटक वाहनों के लिए क्यूआर स्कैनर आधारित अनुमति प्रणाली लागू की गई है। इससे अब पर्यटकों को पहले की अपेक्षा कम समय में भंसार प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो नेपाल में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
खबरें और भी
कृष्णानगर भंसार कार्यालय के उप भंसार प्रमुख मयंक कुमार कर्ण ने बताया कि नई व्यवस्था में पर्यटकों को बजट के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले निजी वाहनों को भंसार कराने के बाद यातायात अनुमति पत्र बनवाने के लिए कपिलवस्तु जाना पड़ता था। इस प्रक्रिया में समय अधिक लगता था और कई बार अतिरिक्त जुर्माना भी भरना पड़ता था। अब इन समस्याओं को समाप्त करने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि भंसार कार्यालयों पर वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने की भी तैयारी चल रही है। इससे लोग अपने मोबाइल फोन से आसानी से क्यूआर कोड स्कैन कर कस्टम शुल्क जमा कर सकेंगे। डिजिटल भुगतान बढ़ने से नकद लेन-देन में कमी आएगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
कृष्णानगर उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष रितेश शर्मा तथा चेंबर आफ कामर्स कपिलवस्तु के अध्यक्ष महादेव पोखरेल ने कहा कि नई व्यवस्था का सबसे अधिक लाभ सीमावर्ती छोटे व्यापारियों को मिलेगा।
उनका कहना है कि छोटे दुकानदार ही पर्यटकों की जरूरतों को पूरा करते हैं। सुविधाएं बढ़ने से स्थानीय बाजार मजबूत होगा, व्यापार बढ़ेगा और पर्यटकों को भी कम दामों पर जरूरी सामान आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।
यह भी पढ़ें- नेपाल के नए कस्टम नियम पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, बालेन शाह सरकार को बड़ा झटका