Ramzan 2026: इस बार होगा कुछ ऐसा जो 22 सालों से नहीं हुआ, कब शुरू है माह-ए-रामजान?
लगभग 22 साल बाद इस बार रमजान का महीना फरवरी में शुरू हो रहा है, जिससे रोजेदारों को गर्मी की तपिश से राहत मिलेगी। मौलानाओं के अनुसार, यह 17 या 18 फरवरी ...और पढ़ें

HighLights
लगभग 22 साल बाद रमजान फरवरी में शुरू हो रहा है।
रोजेदारों को इस बार गर्मी की तपिश से राहत मिलेगी।
अगले 11 साल तक रमजान सर्दियों के महीनों में ही आएगा।
संवाद सूत्र, औराताल (सिद्धार्थनगर)। खुदा की इबादतों में इस बार तपिश की खलल नहीं होगी। करीब दो दशक बाद इस बार ठंड में माह-ए-रमजान दस्तक दे रहा। मौलाना राशिद हुसैन ने बताया कि लगभग दो दशक बाद इस बार रोजा फरवरी में शुरू हो रहा। रोजेदारों को इस बार धूप से राहत मिलेगी और इबादत में सहूलियत रहेगी।
इस बार रोजेदारों को सूरज की तपिश या उमसभरी गर्मी का सामना नहीं करना पड़ेगा। 22 साल बाद वर्ष 2026 में माह-ए-रमजान की आमद बसंत ऋतु में होगी। मौलाना शमशुल हुदा ने बताया कि नए साल में रमजान की शुरुआत 17 या 18 फरवरी (चांद दीदार) से होगा।
यह खुदा की नवाजिश है जो इससे पहले 2004 में रमजान अक्तूबर व नवंबर की गुलाबी ठंड में हुआ था। इस्लाम के जानकारों के मुताबिक माह-ए-रमजान इस्लामिक कैलेंडर के नौवें महीने में होता है। वर्ष 2004 से 2025 तक 22 बार रमजान का महीना आया जो पिछले 22 वर्षों में मार्च से अक्तूबर के बीच गुजरा है। इस बीच रोजेदारों ने अप्रैल-मई की झुलसा देने वाली तपिश सही।
वहीं जून, जुलाई, अगस्त में पसीने से तरबतर करने देने वाली उमसभरी गर्मी भी झेली। मार्च और सितंबर के महीनों में रोजदारों को अपने सब्र का इम्तिहान देना पड़ा। अब रमजान का महीना खिसक कर सर्दियों में पहुंचा है। ऐसे में 22 साल बाद मुकद्दस रमजान की आमद ठंड (बसंत) के मौसम में हो रही है। इसके बाद आने वाले 11 साल में रमजान का माह ठिठुरन वाले दिसंबर, जनवरी, फरवरी की सर्दियों में आएगा।