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    सिद्धार्थनगर में 100 शिक्षकों की नियुक्ति पत्रावली गायब, 34 साल बाद बढ़ी विभाग की चिंता

    Updated: Sat, 11 Jul 2026 11:13 AM (IST)

    सिद्धार्थनगर के बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 1992 में नियुक्त हुए करीब 100 शिक्षकों की मूल पत्रावलियां 34 साल से गायब हैं। इससे विभाग को एक ही प्रेषण स ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. सिद्धार्थनगर में 1992 के 100 शिक्षकों की पत्रावली गायब।

    2. 34 साल बाद भी नहीं मिल पाए मूल अभिलेख।

    3. एक ही प्रेषण संख्या पर नियुक्तियों की जांच प्रभावित।

    जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 1992 में हुई करीब 100 शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित मूल पत्रावली गायब होने का मामला सामने आया है। 34 वर्ष बाद यह प्रकरण विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। नियुक्ति से जुड़े मूल अभिलेख उपलब्ध न होने से न केवल उस समय हुई नियुक्तियों का पूरा ब्योरा स्पष्ट नहीं हो पा रहा है, बल्कि एक ही प्रेषण संख्या पर कई शिक्षकों की नियुक्ति किए जाने की शिकायत की भी निष्पक्ष जांच प्रभावित हो रही है। विभाग ने मामले से शासन और उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए अभिलेखों की तलाश तेज कर दी है।

    विभागीय सूत्रों के अनुसार वर्ष 1992 में कितने शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, इसका अधिकृत रिकार्ड फिलहाल उपलब्ध नहीं है। हालांकि उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर माना जा रहा है कि उस समय लगभग 100 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए थे। इसी नियुक्ति प्रक्रिया में एक ही प्रेषण संख्या पर कई नियुक्तियां किए जाने की शिकायत मिलने के बाद विभाग ने अभिलेखों की तलाश शुरू की, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है।

    पत्रावली की खोज के लिए बीएसए कार्यालय के सभी अभिलेख कक्षों की जांच कराई गई। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों और संस्थानों से भी जानकारी मांगी गई। तत्कालीन प्रधान सहायक रहे बलरामपुर जनपद के तुलसीपुर निवासी कुंवर कमलेश वर्मा को भी तीन माह पहले पत्र भेजकर जानकारी मांगी गई, लेकिन अब तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ।

    वहीं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य ने स्पष्ट किया है कि उनके यहां नियुक्ति संबंधी कोई पत्रावली उपलब्ध नहीं है और यह अभिलेख बीएसए कार्यालय से ही संचालित किए जाते रहे हैं। विभाग अब वर्ष 1992 में नियुक्त होकर सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों की सेवा और पेंशन संबंधी पत्रावलियों की भी जांच कराएगा।

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    अधिकारियों का मानना है कि इन अभिलेखों के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज या उनके संदर्भ मिल सकते हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी उस बैच के दो-तीन शिक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं, जिनकी पत्रावलियों की भी पड़ताल की जाएगी।



    वर्ष 1992 में नियुक्त शिक्षकों की मूल पत्रावली नहीं मिल रही है। एक ही प्रेषण संख्या पर कई नियुक्तियां किए जाने की शिकायत भी प्राप्त हुई है। हर संभावित स्थान पर अभिलेखों की तलाश कराई जा रही है और संबंधित व्यक्तियों व संस्थानों से जानकारी मांगी गई है। पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।

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    -शैलेश कुमार, बीएसए।