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    भारत-नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जिले में हाई अलर्ट, संदिग्ध हलचल से एजेंसियों की बढ़ी बेचैनी

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 02:59 PM (GMT+05:30)

    दिल्ली पुलिस द्वारा पाक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ होने के बाद सिद्धार्थनगर में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बढ़नी, खुनुवा, ककरहवा समेत गै ...और पढ़ें

    तस्‍वीर एआई से बनाई गई है।

    तस्‍वीर एआई से बनाई गई है।

    HighLights

    1. PAK आतंकी मॉड्यूल खुलासे के बाद सीमा चौकियों पर कड़ी निगरानी


    2. बढ़नी, खुनुवा, ककरहवा में सघन जांच, गैर परंपरागत रास्तों पर बढ़ी गश्त


    जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों द्वारा पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किए जाने के बाद भारत-नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जिले में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं।

    देश के विभिन्न हिस्सों से नौ संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद सीमाई इलाकों में चौकसी कई गुना बढ़ा दी गई है। खुली सीमा और लगातार होने वाली आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं। बढ़नी, खुनुवा और ककरहवा बार्डर पर हर आने-जाने वाले व्यक्ति और वाहनों की सघन जांच की जा रही है।

    सीमा चौकियों पर एसएसबी, पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीमें तैनात हैं। बार्डर पार करने वालों के पहचान पत्रों की जांच के साथ सामानों की तलाशी भी ली जा रही है। डाग स्क्वाड की मदद से संदिग्ध वस्तुओं और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जांच की प्रक्रिया इतनी कड़ी कर दी गई है कि कई स्थानों पर लोगों को लंबा इंतजार भी करना पड़ रहा है।

    इसके बावजूद नेपाल से आने-जाने वालों की आवाजाही पूरी तरह बंद नहीं की गई है। सुरक्षा एजेंसियां जांच के बाद ही लोगों को बार्डर पार करने की अनुमति दे रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों की चिंता केवल अधिकृत सीमा चौकियों तक सीमित नहीं है। कोटिया, अलीगढ़वा और करमैनी जैसे गैर परंपरागत रास्तों पर भी एसएसबी की गश्त तेज कर दी गई है। इन रास्तों का इस्तेमाल अक्सर चोरी-छिपे आवागमन के लिए किए जाने की आशंका रहती है। ऐसे में जवान दिन-रात लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं।

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    पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीमें सीमावर्ती गांवों में भी निगरानी बनाए हुए हैं। जनपद से सटी करीब 68 किलोमीटर लंबी नेपाल सीमा सुरक्षा एजेंसियों के लिए हमेशा चुनौती रही है। खुली सीमा होने के कारण यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि आतंकी नेटवर्क और संदिग्ध तत्व इस व्यवस्था का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को देखते हुए सीमाई बाजारों, होटल-ढाबों और किराये पर रहने वाले संदिग्ध लोगों का सत्यापन भी शुरू कर दिया गया है।

     

    नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां पहले से अलर्ट मोड में हैं। इधर थोड़ी अलर्टनेस बढ़ायी गयी है। हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना तत्काल साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।- डॉ.अभिषेक महाजन, पुलिस अधीक्षक