सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में बनेगा डीआरटीबी सेंटर, क्षय रोगी किए जाएंगे भर्ती
राज्यस्तरीय स्वास्थ्य टीम के निरीक्षण के बाद सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में डीआरटीबी (ड्रग रेसिस्टेंट क्षय रोग) सेंटर खोलने की तैयारी है। यह सेंटर उन क ...और पढ़ें

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में बनेगा डीआरटीबी सेंटर।
HighLights
सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में डीआरटीबी सेंटर खोलने की तैयारी।
ड्रग रेसिस्टेंट क्षय रोगियों का यहीं होगा विशेष उपचार।
आठ बेड का सेंटर डब्ल्यूएचओ मानकों पर बनेगा।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य विभाग की राज्यस्तरीय टीम ने बुधवार को जनपद के विभिन्न अस्पतालों का निरीक्षण किया। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन से मुलाकात की। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सालय परिसर में डीआरटीबी (ड्रग रेसिस्टेंट क्षय रोग) सेंटर खोलने से संबंधित बिंदु पर विस्तार से चर्चा की।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने डीआरटीवी सेंअर खोलने के भवन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। टीम ने दो स्थानों को देखने के बाद उसे चिन्हित कर मेडिकल कॉलेज को अवगत करा दिया। एक सप्ताह के भीतर डीआरटीवी सेंट संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्यस्तरीय टीम ने 612 ग्राम पंचायत को हाई रिस्क घोषित किया है। जनपद में क्षय रोगियों की कुल संख्या 1732 है। इसमें 210 एमडीआर रोगी चिह्नित है।
मेडिकल कॉलेज में डीआरटीबी सेंटर खोलने की कवायद शुरू हो गई है। इस सेंटर में ऐसे रोगियों को भर्तीं किया जाएगा, जिनपर क्षय रोग से संबंधित दवा असर करना बंद कर दी है। इन रोगियों से समाज में संक्रमण भी तेजी फैलने की संभावना बनी रहती है। इन परिस्थितियों को देखते हुए रोगियों को सेंटर में भर्ती कर उनका उपचार होगा। अभी तक इन रोगियों को बस्ती मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता रहा। लेकिन यहां पर सेंटर खुलने के बाद यहीं पर उपचार होगा।
आठ बेड का बनेगा डीआरटीबी सेंटर
मेडिकल कॉलेज में बनने वाला डीआरटीबी सेंटर आठ बेड का होगा। संक्रमण नहीं फैले, इस संबंध में डब्ल्यूएचओ के मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। हवादार वार्ड के दीवार में छह फीट टाइल्स लगाना अनिवार्य किया है। इसके अलावा ड्यूटी करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भी एक कमरा बनाया जाएगा। ब्लड बैंक के पास यह सेंटर खोलने के लिए स्थान को चिन्हित किया गया है।
खबरें और भी
डीएम और राज्यस्तरीय टीम ने किया यहां निरीक्षण
डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने बुधवार को 100 दिवसीय सघन भय भारत भारत अभियान में सिसवा ग्रांट में आयोजित शिविर का निरीक्षण किया। जांच कराने के लिए आए रोगियों से बातचीत की। संदिग्ध रोगियों की पहचान करने के बाद उनका उपचार प्रारंभ कराने के लिए निर्देशित किया। वहीं राज्स्स्तरीय टीम में एसटीडीसी आगरा के निदेशक डॉ. एसके लवानिया, डब्ल्यूएचओ के सलाहकार डॉ. दीपक चतुर्वेदी, डॉ. दीपक सिंह, डॉ. प्रवीण सिंह व पंकज सोनी ने सीएचसी बसंतपुर, खेसरहा, भनवापुर, पीएचसी बढ़नी, नौगढ़ और कड़जहा का निरीक्षण किया।
स्वास्थ्य विभाग की राज्यस्तरीय टीम ने मिलकर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सालय परिसर में डीआरटीबी सेंटर खोलने के संबंध में वार्ता की। यहां पर ऐसे क्षय रोगियों का उपचार होगा, जिन्हें क्षय रोग में चलने वाली दवा नहीं असर करती है। सेंटर में रोगी को भर्ती करने के बाद उनका उपचार कराया जाएगा। -प्रो. राजेश मोहन, प्राचार्य माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज।