सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र पर नौकरी का आरोप, जांच टीम गठित
सिद्धार्थनगर के माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में एक प्रोफेसर पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने और पदोन्नति लेने का आरोप लगा है। कॉ ...और पढ़ें

माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज। जागरण
HighLights
प्रोफेसर पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से नौकरी का आरोप।
एनएमसी द्वारा रद्द कॉलेज का प्रमाण पत्र इस्तेमाल किया गया।
प्राचार्य ने आरोपों की जांच हेतु तीन सदस्यीय टीम बनाई।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज में आचार्य पद पर कार्यरत एक प्रोफेसर पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र पर नौकरी करने का आरोप लगा हैं। शिकायतकर्ता ने प्रमाण के रूप में संबंधित मेडिकल कालेज के तत्कालीन कुलसचिव के हस्ताक्षर से जारी प्रमाण पत्र को भी दिया हैं।
मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने आरोप को संज्ञान में लेने के बाद तीन सदस्यीय टीम गठित कर टी हैं। संबंधित मेडिकल कालेज की मान्यता को एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन) ने निरस्त कर दी हैं। इसलिए प्राचार्य ने चिकित्सा विश्वविद्यालय को भी पत्र लिखा हैं।
मोहाना थाना के बर्डपुर निवासी संतोष कुमार ने आरोप लगाया हैं कि मेडिकल कालेज के एक विभाग के आचार्य ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त की हैं। वर्ष 2022 में मेजर एसडी सिंह मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल फरुखाबाद के तत्कालीन सचिव के फर्जी हस्ताक्षर से अनुभव प्रमाण पत्र बना कर माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज में सह आचार्य पद पर नियुक्ति प्राप्त किया।
तीन मार्च 2018 को यह प्रमाण पत्र जारी दिखाया गया हैं। जबकि वर्ष 2016 में ही एनएमसी ने मेजर एसडी सिंह मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल की मान्यता को निरस्त कर दिया था। वर्ष 2025 में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर आचार्य पद पर पदोन्नति भी ले ली।\
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मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने शिकायत को संज्ञान में लेने के बाद तीन सदस्यीय टीम गठित की। टीम में बायोकेमेस्ट्री विभाग के आचार्य प्रो. विष्णु, हड्डी रोग विभाग के आचार्य प्रो. गोविंद भगत व एनाटामी विभाग के सह आचार्य डॉ. हसमतुल्लाह को नामित किया हैं। टीम ने अभिलेखीय साक्ष्य के आधार पर जांच शुरू कर दी हैं।
मेडिकल कालेज के एक आचार्य पर आरोप हैं कि फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्त कि हैं। आरोप की प्रवृत्ति गंभीर हैं। इसे संज्ञान में लेने के बाद जांच टीम गठित की गई। संबंधित चिकित्सा विश्वविद्यालय से भी पत्राचार किया जा रहा हैं।
-प्रो. राजेश मोहन, प्राचार्य माधव प्रसाद मेडिकल कालेज