सिद्धार्थनगर में करोड़ों का ITI भवन तैयार, फिर भी युवाओं को नहीं मिल रहा तकनीकी शिक्षा का लाभ
सिद्धार्थनगर के मिठवल ब्लॉक में 8.77 करोड़ रुपये से बना राजकीय आईटीआई भवन जनवरी 2023 में तैयार होने के बावजूद तीन साल से बंद पड़ा है। संचालन की मंजूरी ...और पढ़ें

मंजूरी के फेर में न प्रशिक्षक मिले न उपकरण और प्रवेश शुरू हुआ। जागरण
HighLights
सिद्धार्थनगर में 8.77 करोड़ का राजकीय आईटीआई भवन तैयार।
जनवरी 2023 में निर्माण पूरा, तीन साल से बंद पड़ा।
संचालन मंजूरी न मिलने से युवा तकनीकी शिक्षा से वंचित।
जागरण संवाददाता, बांसी, (सिद्धार्थनगर)। भवन तैयार है। कमरों में कक्षाएं चलने का इंतजार है, लेकिन तीन वर्ष से यहां विद्यार्थियों की जगह सुरक्षा में तैनात दो पीआरडी जवान ही नजर आते हैं। मिठवल ब्लाक के साड़ीखुर्द ग्राम पंचायत के मिश्रौलिया में 877.89 लाख रुपये खर्च कर बनाया गया राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) शासन की मंजूरी के इंतजार में बंद पड़ा है।
जनवरी 2023 में निर्माण पूरा होने के बावजूद न प्रवेश शुरू हो सका, न प्रशिक्षक और कर्मचारी मिले और न ही प्रशिक्षण के लिए जरूरी उपकरण पहुंचे। इसका सीधा नुकसान क्षेत्र के उन युवाओं को उठाना पड़ रहा है, जिन्हें तकनीकी शिक्षा के लिए घर से दूर जाना पड़ता है।
मिश्रौलिया में राजकीय आइटीआइ की स्वीकृति वर्ष 2016-17 में मिली थी। निर्माण की जिम्मेदारी कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज को दी गई और प्रथम किस्त के रूप में 627.89 लाख रुपये जारी किए गए। निर्माण शुरू हुआ, लेकिन कुछ समय बाद राजनीतिक बदलाव के बीच काम ठप हो गया। वर्षों तक अधूरा भवन व्यवस्था की सुस्ती की तस्वीर बना रहा।
वर्ष 2022 में डुमरियागंज विधायक सैय्यदा खातून ने विधानसभा में मामला उठाया। इसके बाद प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत निर्माण ने दोबारा गति पकड़ी और जनवरी 2023 में भवन तैयार हो गया। लोगों को उम्मीद थी कि जल्द प्रवेश शुरू होंगे, लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद मामला संचालन की मंजूरी में अटक गया।
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मिठवल और आसपास की 300 से अधिक ग्राम पंचायतों के युवाओं के लिए यह संस्थान तकनीकी शिक्षा का बड़ा केंद्र बन सकता है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के एक हजार से अधिक युवा प्रतिवर्ष तकनीकी प्रशिक्षण के लिए सिद्धार्थनगर मुख्यालय, बस्ती अथवा दूसरे क्षेत्रों का रुख करते हैं। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पढ़ाई के साथ आवागमन अथवा बाहर रहने का अतिरिक्त खर्च पड़ता है।
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आइटीआइ शुरू होने पर युवाओं को घर के नजदीक कम खर्च में रोजगारपरक प्रशिक्षण मिल सकेगा। ग्रामीण त्रिलोकीनाथ मिश्रा का कहना है कि भवन तैयार होने पर बच्चों को स्थानीय स्तर पर तकनीकी शिक्षा मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन तीन वर्ष बाद भी ताला नहीं खुला। ऋषिकेश तिवारी ने कहा कि ग्रामीण युवाओं को हुनर से जोड़ने की सबसे अधिक जरूरत है। करोड़ों का भवन तैयार होने के बावजूद इसका लाभ नहीं मिलना निराशाजनक है।
- 877.89 लाख रुपये आइटीआइ भवन की कुल लागत
- 2016-17 में मिली थी संस्थान निर्माण की स्वीकृति
- 2023 जनवरी में पूरा हो गया था भवन का निर्माण
- 300 से अधिक ग्राम पंचायतों के युवाओं को मिलेगा लाभ
मिश्रौलिया संस्थान के संचालन की जिम्मेदारी फिलहाल उनके संस्थान को मिली है। शासन की मंजूरी के बाद प्रशिक्षकों की तैनाती, उपकरणों की व्यवस्था और प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। अभी भवन की सुरक्षा में दो पीआरडी जवान तैनात हैं।
-वीरेंद्र कुमार शर्मा, अनुदेशक राजकीय आइटीआइ पचमोहनी, खेसरहा।