सिद्धार्थनगर में गुमशुदगी दर्ज थी, फिर भी करा दिया अंतिम संस्कार; तीन पुलिसकर्मी निलंबित
सिद्धार्थनगर में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने बिना पहचान सुनिश्चित किए अंतिम संस्कार करा दिया। इस लापरवाही ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
गुमशुदा व्यक्ति का बिना पहचान सुनिश्चित किए अंतिम संस्कार किया।
लापरवाही के आरोप में तीन पुलिसकर्मी तत्काल प्रभाव से निलंबित।
ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग की।
संवाद सूत्र, डिड़ई, (सिद्धार्थनगर)। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत के बाद गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद उसकी पहचान सुनिश्चित किए बिना और स्वजन को सूचना दिए बिना अंतिम संस्कार करा देने के मामले में पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया लापरवाही मिलने पर दुर्घटना की जांच एवं पहचान के लिए गठित सीसी टीम में शामिल एक उपनिरीक्षक और दो मुख्य आरक्षियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच भी शुरू करा दी गई है।
शिवनगर थाना क्षेत्र के नदांव गांव निवासी रामनरेश गुप्ता तीन जुलाई को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिलौली और बाद में सिद्धार्थनगर मेडिकल कालेज भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। आरोप है कि पुलिस ने उनकी पहचान सुनिश्चित करने और स्वजन को सूचना देने के बजाय शव का लावारिस के रूप में अंतिम संस्कार करा दिया, जबकि चार जुलाई को स्वजन ने शिवनगर थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज करा दी थी।
मामले के खुलासे के बाद गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिवनगर थाना क्षेत्र के खुटेहना चौराहे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना पर उपजिलाधिकारी विश्वामित्र सिंह, क्षेत्राधिकारी शुभेंदु सिंह सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया।
इसके बाद देर शाम पुलिस अधीक्षक ने प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर उपनिरीक्षक आजम खान, मुख्य आरक्षी (दीवान) सुशील राय तथा मुख्य आरक्षी जितेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
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क्षेत्राधिकारी शुभेंदु सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया तीन पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई है। पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच में यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भी जिम्मेदारी तय होती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
घटनाक्रम
खबरें और भी
- तीन जुलाई: नदांव निवासी रामनरेश गुप्ता सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए, इलाज के दौरान मेडिकल कालेज में मौत।
- चार जुलाई: घर नहीं लौटने पर स्वजन ने शिवनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
- पांच जुलाई : उपचार दौरान मेडिकल कालेज में मृत्यु हो गई।
- सात जुलाई : पुलिस ने शव का लावारिश में अंतिम संस्कार कर दिया।
- 23 जुलाई: शिवनगर डिड़ई पुलिस ने स्वजन को सूचित किया जिसपर लोग जाम लगा दिए मामले से आक्रोशित ग्रामीणों ने खुटेहना चौराहे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया।