सिद्धार्थनगर के इटवा में बढ़ रही टॉवर और टंकी पर चढ़ने की घटनाएं, प्रशासन चिंतित
सिद्धार्थनगर के इटवा क्षेत्र में एक महीने में चार बार लोग अपनी मांगों को लेकर पानी की टंकी या मोबाइल टावर पर चढ़ गए। यह बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं ...और पढ़ें

तेजी से बढ़ रही पानी की टंकी पर चढ़ने की घटनाएं। जागरण
HighLights
इटवा में एक माह में चार घटनाएं हुईं।
लोग अपनी मांगों के लिए टावर/टंकी पर चढ़ रहे।
बढ़ती घटनाएं प्रशासन के लिए चिंता का विषय।
जागरण संवाददाता, इटवा, सिद्धार्थनगर। सिरफिरे आशिक हो फिर किसी तरह अन्य के पीड़ित, अब अपनी जिद के लिए टावर व पानी की टंकी पर चढ़कर दबाव बनाना शुरू कर दिए हैं। सनक कहें अथवा प्रशासन को ध्यान आकर्षित करने का तरीका। पुरुष तो पुरुष, महिलाएं भी इसमें पीछे नहीं रहती हैं। शनिवार को इटवा थाना क्षेत्र के शाहपुर में महिला पानी की टंकी पर चढ़ गई। ये कोई पहली घटना नहीं है। इटवा क्षेत्र में करीब एक माह के दौरान चौथी घटना है।
केस एक
13 अप्रैल को इटवा थाना के पिपरा मुर्गिहवा में 23 वर्षीय युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा। कठेला थाना के इंद्रीग्रांट टोला बक्शडीह निवासी विशाल चौहान इसलिए टावर चढ़ा कि शोले फिल्म की तर्ज पर दबाव डाल सके और अपनी बसंती से शादी कर सके। उसका कहना था कि उसकी शादी प्रेमिका से नहीं हो जाती है, जब तक वह नीचे नहीं उतरेगा। पुलिस के प्रयास से दो घंटे बाद वह बहुत समझाने बुझाने के बाद टावर से नीचे आया।
केस, दो
इससे पहले 28 मार्च को इटवा थाना के दुफेड़िया गांव स्थित मोबाइल के 100 फिट ऊंचे टावर पर एक युवक चढ़ गया। 22 वर्षीय जितेंद्र वर्मा का कहना था कि युवती से वह प्यार करता है। वह मुंबई में है। उसे बुलाया जाए, तभी वह नीचे उतरेगा। एसडीएम, सीओ, एसओ के पहुंचने और काफी देर समझाने के बाद करीब साढ़े चार घंटे बाद युवक टावर से नीचे उतरा।
केस, तीन
बीते 14 मई को इटवा थाना के सोननगर में निर्माणाधीन पानी की टंकी पर 30 वर्षीय महिला दीपा पत्नी जितेंद्र चढ़ गई। उसका कहना है कि उसके दो बच्चे हैं, इसके बाद भी उसका पति किसी दूसरी लड़की को लेकर भाग गया है। जब तक उसको नहीं बुलाया जाता, वह नीचे नहीं उतरेगी, बाद में पुलिस के समझाने व कार्रवाई के आश्वासन के बाद महिला नीचे उतरी।
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केस, चार
इटवा थाना के शाहपुर स्थित पानी की टंकी पर 16 मई को महिला चढ़ गई। महिला राधा का कहना था कि चार मार्च को दुर्घटना हुई, इसमें उनके पति की मौत हो गई। महिला का कहना था कि मुकदमा दर्ज तो हुआ, मगर आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई। भारी भीड़ जुट गई। पुलिस फोर्स पहुंच गई। तहसीलदार व पुलिस के समझाने व कार्रवाई के आश्वासन के बाद महिला नीचे उतरी।
करीब एक महीने के दौरान जिस प्रकार घटनाएं बढ़ रही है, वह चिंतनीय है। क्योंकि आगे कोई बड़ी घटना हो जाए, इससे इन्कार नहीं किया जा सकता है।