गंगा एक्सप्रेसवे से नैमिषारण्य की राह हुई आसान, तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि की उम्मीद
गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण से नैमिषारण्य नए तीर्थ सर्किट से जुड़ गया है, जिससे मेरठ और प्रयागराज से यात्रा सुगम होगी। ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जगदीप शुक्ल, सीतापुर। नैमिषारण्य को तीर्थाटन में वैश्विक पटल पर उभारने के लिए सरकार की ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए तीर्थनगरी को देश व प्रदेश की राजधानी के साथ ही आध्यात्मिक केंद्रों से भी जोड़ा जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देने के साथ तीर्थनगरी की बेहतर कनेक्टिवटी पर भी सरकार का ध्यान है। इसीलिए गाजियाबाद-सीतापुर तक दो नई रेल लाइन बिछाने को मंजूरी देने के बाद अब गंगा एक्सप्रेस वे (मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किलोमीटर) का लोकार्पण किया गया है।
इसके माध्यम से प्रयागराज, संभल के कल्किधाम और हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर के बन रहे नए तीर्थ सर्किट से नैमिषारण्य भी जुड़ गया है। वाया हरदोई गंगा एक्सप्रेस से मेरठ व प्रयागराज की राह सुगम होगी।
मेरठ की सात से नौ घंटे की दूरी अब महज पांच-छह घंटे में तय की जा सकेगी। इसी प्रकार प्रयागराज भी करीब एक से डेढ़ घंटे कम समय में पहुंचा जा सकेगा। इससे नैमिषारण्य आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी।
बिलग्राम वाया संडीला-नैमिषारण्य का रास्ता
हरदोई में बिलग्राम के पास गांगा एक्सप्रेसवे पर कट दिया गया है। इससे नैमिषारण्य की दूरी सिर्फ 70 किलोमीटर रह जाती है। बिलग्राम वाया संडीला-नैमिषारण्य आने-जाने के लिए निजी के साथ ही सार्वजनिक साधन भी उपलब्ध हैं।
परिवहन निगम के साथ ही निजी बस चलती हैं। बिलग्राम से निकटवर्ती स्टेशन माधवगंज है, जोकि बिलग्राम से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर है।
प्रतिवर्ष दो करोड़ तीर्थयात्री बढ़ने की संभावना
पर्यटन विभाग को गंगा एक्सप्रेसवे से नैमिषारण्य आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में करीब दो करोड़ की बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसको लेकर विभाग ने संभावित तीर्थयात्रियों और उनकी सुविधाओं को लेकर रेखाचित्र भी खींचना शुरू कर दिया है। विभाग को उम्मीद है कि पश्चिम के साथ ही वाराणसी वाया प्रयागराज-नैमिषारण्य आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ेगी।
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पूर्वोत्तर भारत से अधिकांश तीर्थयात्री वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने आते हैं। इसके बाद प्रयागराज में संगम स्नान करके वापस चले जाते हैं। सुगम राह होने चलते अब वाराणसी आने वाले यात्रियों का एक बड़ा हिस्सा नैमिषारण्य भी आएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे से नैमिषारण्य में तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ेगी। अब तक करीब तीन करोड़ तीर्थयात्री प्रतिवर्ष नैमिषारण्य आ रहे हैं। तीर्थनगरी में बढ़ रही सुविधाओं और गंगा एक्सप्रेसवे के चलते दो करोड़ तीर्थयात्री बढ़ने की संभावना है।
-कल्याण सिंह, उपनिदेशक, पर्यटन।
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