सीतापुर: घरों पर लटक रहे ताले जनगणना में बन रहे सिरदर्द, मोबाइल पर संपर्क कर पूरा हो रहा काम
सीतापुर में जनगणना कार्य में घरों पर लटके ताले बाधा बन रहे हैं, जिससे कार्मिकों को काफी परेशानी हो रही है। लोग शहरों में बस गए हैं या छुट्टियों पर बाह ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, सीतापुर। जनगणना के दौरान कार्मिकों के सामने घरों में लटकते ताले कार्य में बाधा बन रहे हैं। ग्रामीणों ने शहरों, महानगरों में घर बनवा लिया है, वहीं जाकर बस गए हैं। ऐसे में गांव के घरों में ताले लगे हुए हैं। इसके अलावा विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है।
ऐसे में अधिकांश अपने परिवार के साथ घूमने के लिए बाहर गए हुए हैं। जनगणना कार्मिक उनके दरवाजे पर दस्तक देने के लिए पहुंचते हैं। घर पर ताला लगा हुआ है, पास पड़ोसियों से नंबर लेकर जब संपर्क किया जाता है तो चार दिन तो कोई एक सप्ताह बाद वापस आने की बात कह रहा है।
कुछ लोग मोबाइल पर काल करके सारी डिटेल भर रहे हैं। जनगणना कार्य पर भी प्रभाव पड़ रहा है कार्मिक को दोबारा आकर गणना करने की बात कही जा रही है। ऐसे में कार्मिकों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी साथ ही जनगणना भी प्रभावित हो रही है।
मोबाइल पर संपर्क कर की जनगणना
महमूदाबाद के ग्राम गोर्डचा में संतोष राय का घर है, वह बिहार में शिक्षक हैं। उनसे मिलने के लिए परिवार के सदस्य बिहार गए हुए हैं। घर में ताला लगा हुआ है। प्रगणक अनुराग श्रीवास्तव जब उनके घर गणना के लिए पहुंचे तो ताला लगा मिला। किसी तरह पड़ोसी से संतोष का मोबाइल नंबर जुटाया।
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काफी देर तक संपर्क करने की कोशिश की। जब काल मिल सकी तब उन्होंने उनसे मोबाइल से सारी जानकारी ली और जनगणना कार्य को किया। अनुराग ने बताया कि इस काम में करीब आधा से पौन घंटे का समय लग गया। जब मुखिया या कोई भी जिम्मेदार नागरिक मिल जाता है तो करीब चार से पांच मिनट में काम हो जाता है।
घर में ताला लगा होने के कारण वापस जाना पड़ा
प्रगणक अरशी बनो नैमिषारण्य के पूरब वार्ड के जनगणना करने के लिए पहुंची। यहा शेष नारायण दीक्षित के घर पर घर पर ताला लगा हुआ था। आसपास के लोगों से पता किया तो बताया गया कि कहीं बाहर गए हुए हैं। मजबूरन बिना गणना किए वापस जाना पड़ा।
अरशी ने बताया कि कुछ दिन के बाद फिर से संपर्क करेंगे, जिससे गणना हो सके।इसी तरह गंगू विश्वकर्मा के घर पर भी ताला लगा हुआ था। मोबाइल नंबर से संपर्क करना चाहा लेकिन नहीं हो सका। पड़ोसियों ने बताया कि चार दिन के बाद वापस आ जाएंगे तब आकर गणना करना लीजिएगा।