सिटी स्कैन के इंतजार में गेट पर सो गई महिला, सीतापुर अस्पताल में सर्वर ठप, मरीजों की मुश्किलें बढ़ी
सीतापुर जिला अस्पताल में सर्वर समस्या के कारण सिटी स्कैन सेवाएं ठप रहीं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी हुई। प्रतिदिन 30-40 मरीज प्रभावित हुए और कई को ब ...और पढ़ें

सर्वर न चलने से जांच ठप
HighLights
सीतापुर जिला अस्पताल में सिटी स्कैन सेवाएं बाधित हुईं।
सर्वर में तकनीकी खराबी के कारण जांचें ठप रहीं।
मरीजों को बाहर महंगे दाम पर जांच करानी पड़ी।
जागरण संवाददाता, सीतापुर। जिला अस्पताल के सर्वर में तकनीकी समस्या से शनिवार को सिटी स्कैन की सेवाएं ठप रहीं, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रतिदिन 30 से 40 मरीज सिटी स्कैन कराने अस्पताल आते हैं।
तकनीकी समस्या के कारण जांचें प्रभावित रहीं। इस स्थिति के चलते एक महिला सिटी स्कैन के लिए इंतजार करते-करते गेट पर ही सो गई। इससे अन्य जांचों पर भी असर पड़ा, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं।
मरीजों के साथ आए तीमारदार भी परेशान हुए। जिला अस्पताल की ओपीडी (बाह्रय रोगी विभाग) में चिकित्सक आवश्यकता होने पर मरीजों को सिटी स्कैन की जांच लिखते हैं।
इंतजार में आई नींद
जांच कराने आई पहाड़पुर की आरती ने बताया कि जब वह जांच कराने के लिए केंद्र के पास पहुंची तो बताया गया कि सर्वर कार्य नहीं कर रहा है। कुछ देर इंतजार कर लीजिए। इसके बाद वह गेट पर ही सर्वर चलने के इंतजार में बैठ गईं। इंतजार करते-करते उनको नींद आ गई।
इसी तरह राजेश्वरी, अनीता व दिनेश ने बताया कि दिनभर इंतजार करने के बाद भी जांच नहीं हो सकी है। काफी देर तक इंतजार करते रहे कि मशीन चल जाए लेकिन सर्वर ठीक नहीं हो सका।
बाहर होते एक हजार तक खर्च
कई मरीजों ने मजबूरन में बाहर से जांच कराई। बाहर मरीजों को सात सौ से लेकर एक हजार रुपये तक जांच में देने पड़ते हैं। अस्पताल में जांच निश्शुल्क हो जाती है।
तीमारदार संतोष ने बताया कि अस्पताल प्रशासन जल्द समस्या दूर कराए। हर मरीज के पास बाहर से जांच के लिए पैसे नहीं हैं। अजय ने बताया कि अस्पताल में अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंद लोग आते हैं। उनके पास इतने पैसे नहीं कि वह बाहर से महंगी जांच करा सकें।
सर्वर में तकनीकी समस्या के चलते सिटी स्कैन नहीं चल सकी, जिसके चलते मरीजों की जांच बाधित रही। इंजीनियर को जानकारी दे दी गई है। जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।
-डाॅ. इन्द्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल।