सीतापुर में बाघ पकड़ने के लिए दुधवा और कर्तनिया से बुलाए एक्सपर्ट, रसुलवा में टाइगर के काटने से किसान की हुई थी मौत
सीतापुर के मधवापुर जंगल में सक्रिय बाघ को पकड़ने के लिए दुधवा और कर्तनिया से विशेषज्ञ बुलाए गए हैं। बुधवार को बाघ के हमले में एक किसान की मौत के बाद व ...और पढ़ें
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HighLights
सीतापुर में बाघ के हमले से किसान की मौत हुई।
बाघ को पकड़ने दुधवा, कर्तनिया से विशेषज्ञ पहुंचे।
निगरानी के लिए ड्रोन, ट्रैप कैमरे लगाए गए।
संवाद सूत्र, बीहट बीरम (सीतापुर)। मछरेहटा के मधवापुर जंगल के पास सक्रिय बाघ को पकड़ने के लिए दुधवा व कर्तनिया से विशेषज्ञ बुलाए गए हैं। निगरानी के लिए 10 ट्रैप कैमरे लगाने के साथ पांच ड्रोन कैमरे की मदद ली जा रही है। बाघ को कैद करने के लिए दो पिंजरा भी लगाए गए हैं। इनमें बकरी बांधी गई है। वन कर्मियों की टीमें कांबिंग कर रही हैं।
मधवापुर जंगल से सटे रसुलवा गांव में बुधवार को घास काटने गए कमल किशोर पर बाघ ने हमला कर दिया था। किसान की मौके पर ही मौत हो गई थी। मौके पर मिले पगचिह्र की जांच में बाघ की पुष्टि हुई थी।मधवापुर मिश्रिख विधायक रामकृष्ण भार्गव का पैतृक गांव है। बाघ के हमले के बाद आसपास गांवों के लोग दहशत में हैं। वन कर्मी सभी सतर्क रहने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
वन विभाग ने बनाया कमांड सेंटर
मधवापुर के पंचायत भवन को वन विभाग ने कमांड सेंटर बनाया है। सात-सात वन कर्मियों की तीन टीमें लगातार कांबिंग कर रही हैं। लहरपुर, सिधौली, मिश्रिख वन रेंज की टीमें सहयोग में लगी हैं।
पांच गांवों के आसपास मिले पगचिह्र
वन रेंजर मिश्रिख सिकंदर सिंह ने बताया कि पांच गांव रसुलवा, मधवापुर, गोंसाईपुरवा, गंधरिया, पटटी के आसपास बाघ के पगचिह्र मिले हैं। वह लोकेशन बदल रहा है।
ट्रैंकुलाइज के लिए टीम तैयार
ट्रैंकुलाइज विशेषज्ञ दुधवा के डा. दीपक अपनी टीम के साथ मौके पर तैनात हैं। टाइगर ट्रैक्टर के साथ कर्तनिया के विशेषज्ञ चेतन कुमार भी अपनी टीम के साथ मुस्तैद हैं।
किसान व विद्यार्थी प्रभावित
बाघ की सक्रियता से किसान व स्कूली विद्यार्थी प्रभावित हैं। अजय ने बताया कि गन्ने में यूरिया का छिड़काव करना था, डर लग रहा है। महेश ने बताया कि धान रोपाई बाधित है। संतोष ने बताया कि बेटा डर के कारण पढ़ने नहीं जा रहा है। दीपू ने बताया बेटी स्कूल नहीं जा रही।
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दो वर्ष की आयु का है बाघ
वन कर्मियों ने मौके पर मिले पगचिह्न बाघ के होने की पुष्टि की थी। बाघ की उम्र दो वर्ष के आसपास है। फरवरी 2024 में घटना स्थल से छह किलोमीटर की दूरी पर एक व्यस्क बाघ का शव मिल चुका है।
कई वर्ष से बाघों की सक्रियता
वर्ष 2022 में महोली के कठिना के तटवर्ती इलाके में बाघों के देखे जाने व हमलों का सिलसिला शुरू हुआ था। घटनाएं बढ़ने पर वाइल्ड ट्रस्ट आफ इंडिया (डब्ल्यूटीआइ) के तत्कालीन सदस्य अनिल नायर ने पेड़ों पर पंजों के निशान की जांच कर पांच बाघ होने की आशंका व्यक्त की थी।
बाघ को पकड़ने के लिए टीमें लगी हैं। बाहर से विशेषज्ञ आ गए हैं। ट्रैप कमरे के साथ ही ड्रोन से निगरानी की जा रही है। बारिश से व्यवधान हो रहा है। बाघ को शीघ्र ही कैद करने का प्रयास हो रहा है। -नवीन खंडेलवाल, डीएफओ