सीतापुर में बाघिन का आतंक जारी, लोकेशन बदलने से बढ़ी वन विभाग की चिंता, पकड़ने में नाकाम
सीतापुर में बाघिन लगातार अपनी लोकेशन बदल रही है, जिससे वन विभाग उसे पकड़ने में नाकाम रहा है। ...और पढ़ें

बिजुआमऊ में बांधा गया पड़वा व लगा ट्रैप कैमरा: जागरण
चित्र-28 एसआइटी, 42 व 43
जागरण संवाददाता, सीतापुर। बाघिन लगातार लोकेशन बदल रही है। बताया जा रहा है कि बाघिन कुनबे के साथ है। अलग-अलग गांवों में पगचिह्न मिल रहे हैं। वन विभाग ने रसुलवा में दो और गंधेरिया व पट्टी में एक-एक पिंजरा लगाया है। इसके अलावा बिजुआमऊं में पड़वा भी बांधा गया है।
रसुलवा गांव में 15 जुलाई को बाघिन के हमले में गांव के ही एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके बाद से वन विभाग की ओर से बाघिन को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान गेंधरिया में बांधे गए पड़वा को भी बाघिन खा चुकी है। बावजूद इसके वन विभाग को उसे पकड़ने में कामयाबी नहीं मिली है। बाघिन लगातार लोकेशन बदल रही है। इसी बीच जानकारी हुई है कि बाघिन कुनबे के साथ है। ऐसे में वन विभाग के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं।
रसुलवा में दो और गंधेरिया व पट्टी में एक-एक पिंजरा लगाया ही गया है। साथ ही बिजुआमऊं सोमवार को पड़वा बांधा ट्रैप कैमरा लगाया है। विधायक रामकृष्ण भार्गव ने मधवापुर में बने कमांड सेंटर में वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके बाघिन को पकड़ने के निर्देश दिए हैं।
नहीं लगा बालिका का पता, तलाश जारी
थानागांव: 21 जुलाई की रात चार माह की बालिका को जंगली जानवर उठा ले गया था। अब तक उसे तलाश नहीं जा सका है। तीन दिन बाद 25 जुलाई की देर रात बैजवारी गांव में ही अरुण कुमार शुक्ल की छह माह की पुत्री शिविका को जंगली जानवर ने दबोच लिया था। मां कुंती के शोर मचाने पर जंगली जानवर शिविका को छोड़कर भाग गया था।
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शनिवार को कर्बलापुरवा गांव की झाड़ियों में महिलाओं ने दहाड़ सुनने का दावा किया था। रविवार रात को बैजवारी गांव में एक बार जंगली जानवर की आमद हुई। वन क्षेत्राधिकारी बिसवां अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि कांबिंग की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है।