यूपी में 580 करोड़ रुपये से स्थापित होगी बीयर फैक्ट्री, 4000 लोगों को मिलेगा रोजगार
एल्को ब्रेव प्राइवेट लिमिटेड सीतापुर में 580 करोड़ रुपये के निवेश से बीयर फैक्ट्री स्थापित करेगी। इससे 4000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। ...और पढ़ें

580 करोड़ रुपये से स्थापित होगी बीयर फैक्ट्री।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
दुर्गेश द्विवेदी, सीतापुर। एथेनॉल के साथ ही अल्कोहल कंपनियों के लिए जिला पहली पसंद बन गया है। रेडिको खेतान की शराब फैक्ट्री कंदुनी में चल रही है। उधर, एल्को ब्रेव प्राइवेट लिमिटेड ने भी जिले में 580 करोड़ रुपये के निवेश से बीयर की उत्पादन और बाटलिंग फैक्ट्री स्थापित करने का समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन किया है। कंपनी की ओर से हाईवे व स्टेट हाईवे के किनारे जमीन की तलाश की जा रही है। उद्योग केंद्र के कर्मचारी इसमें उनका सहयोग कर रहे हैं।
जिले के करीब 10 लाख किसान साढ़े पांच लाख हेक्टेयर जमीन पर गन्ना, धान, गेहूं, जौ आदि की खेती करते हैं। यही खासियत कृषि आधारित उद्योगों को लुभा रही है। रामगढ, जवाहरपुर, हरगांव और बिसवां चीनी मिल में अल्कोहल की डिस्टलरी पहले से चल रही हैं।
अल्कोहल और अनाज की उपलब्धता के चलते शराब कंपनियां भी जिले में निवेश करने में रुचि ले रही हैं। एल्को ब्रेव कंपनी ने 580 करोड़ रुपये का निवेश करने लिए एमओयू साइन किया है। बीयर फैक्ट्री स्थापित होने पर इसमें 4000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। 2200 लोगों को कंपनी प्रत्यक्ष रोजगार देगी।

शेष को सप्लाई चेन, परिवहन, सुरक्षा आदि में रोजगार दिया जाएगा। कंपनी की ओर से गोला, लखीमपुर, लखनऊ और बिसवां-बहराइच मार्ग पर जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन उपलब्ध कराने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है।
खबरें और भी
दुनिया के चुनिंदा बीयर उत्पादक स्थलों में शामिल होगा जिला
फैक्ट्री प्रतिवर्ष डेढ़ अरब लीटर बीयर का उत्पादन करेगी, जोकि दुनिया की गिनी-चुनी इकाइयों में एक होगी। अमेरिका, इंग्लैंड और ब्राजील में ही इस क्षमता की चंद इकाइयां हैं। इसके अला किसी भी देश में इतनी बड़ी बीयर फैक्ट्री नहीं है।
परिवहन को मिलेगा बड़ा फलक
फैक्ट्री में बीयर की बालटिंग करके देश के कोने-कोने में आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए बड़ी संख्या में ट्रक की जरूरत पड़ेगी। ट्रांसपोर्टर शादाब ने बताया कि इतनी बड़ी फैक्ट्री में कम से कम एक हजार वाहनों का अनुबंध किया जाता है। शराब कंपनियां ढुलाई का अच्छा पैसा भी देती हैं। साथ ही चालक और परिचालक को भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं।
कंपनी ने 580 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन किया है। कंपनी के प्रतिनिधि जमीन की तलाश कर रहे हैं। बड़ा उद्योग होने चलते चौड़े मार्गों के किनारे जमीन तलाशी जा रही है। जमीन मिलने के बाद विभिन्न विभागों में अनापत्ति के लिए फाइल दौड़ाई जाएगी। -करुणा राय, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र।
यह भी पढ़ें- रामजन्मभूमि परिसर के साथ पूरे अयोध्याधाम की होगी निगरानी, मार्च तक बनकर तैयार हो जाएगा आधुनिक कंट्रोल रूम
यह भी पढ़ें- स्मार्ट बनेगा उत्तर प्रदेश: संस्थागत क्षमता और नीतिगत सुधारों के लिए SCE के साथ ऐतिहासिक करार